Rajasthan News: राजस्थान एसओजी (SOG) की फर्जी डिग्रियों के खिलाफ चल रही मुहिम ने प्रदेश के कई सरकारी कर्मचारियों की नींद उड़ा दी है. हाल ही में सामने आया एक मामला हैरान करने वाला है, जहां एक जेईएन (JEN) ने केवल अपनी योग्यता का दिखावा करने के लिए अपनी नौकरी दांव पर लगा दी. जलदाय विभाग के जेईएन दुर्गाशंकर मेनारिया, जो वर्तमान में उदयपुर के भींडर में तैनात हैं, पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए नौकरी हासिल करने का आरोप है.
दिखावा पड़ा भारी
जानकारी के अनुसार, 2018 की जेईएन भर्ती परीक्षा में शामिल हुए दुर्गाशंकर ने आवेदन के समय मानव भारती विश्वविद्यालय, सोलन (हिमाचल प्रदेश) की एम.टेक. (इलेक्ट्रिकल पावर सिस्टम) की डिग्री संलग्न की थी. एसओजी की जांच में यह डिग्री पूरी तरह फर्जी पाई गई. विश्वविद्यालय के रिकॉर्ड में ऐसी कोई डिग्री जारी होने का कोई प्रमाण नहीं मिला.
जरूरत नहीं थी फिर भी लगाई डिग्री
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जेईएन के जिस पद के लिए दुर्गाशंकर का चयन हुआ था, उसके लिए एम.टेक. की डिग्री की कोई आवश्यकता ही नहीं थी. केवल स्नातक (बी.टेक.) की डिग्री ही इस पद के लिए पर्याप्त थी.
इसके बावजूद, अभ्यर्थी ने खुद को अन्य उम्मीदवारों से ज्यादा योग्य और विद्वान साबित करने की होड़ में फर्जी डिग्री का सहारा लिया. अब यही फर्जीवाड़ा उसकी नौकरी के लिए काल बन गया है. एसओजी अब इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास है कि उसने यह डिग्री कहां से प्राप्त की है.
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