Rajasthan News: हनुमानगढ़ जिले के टिब्बी में प्रस्तावित एथेनॉल फैक्ट्री के विरोध में ग्रामीणों ने बुधवार को तलवाड़ा में चौथी महापंचायत आयोजित की. महापंचायत में बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण शामिल हुए. इस दौरान पुलिस-प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहा. तलवाड़ा क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 700 से अधिक पुलिसकर्मियों का जाब्ता तैनात रहा. एहतियात के तौर पर जिला प्रशासन ने टिब्बी क्षेत्र में मंगलवार रात से इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी थीं। साथ ही क्षेत्र में धारा 163 लागू की गई है. तलवाड़ा में हुई महापंचायत में किसान नेताओं ने 23 मार्च को फिर से एक बड़ी महापंचायत करने का फैसला किया है.
23 मार्च के बाद जयपुर कूच करेंगे किसान
किसान नेताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि 23 मार्च को टिब्बी में अंतिम महापंचायत होगी. यदि 23 मार्च तक उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो इसके बाद आंदोलनकारी जयपुर कूच करेंगे और मुख्यमंत्री निवास का घेराव किया जाएगा. फिलहाल क्षेत्र में स्थिति शांतिपूर्ण बताई जा रही है, लेकिन प्रशासन ने एहतियातन सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर रखी है. किसान एथेनॉल फैक्ट्री से जुड़े एमओयू को रद्द करने और आंदोलन के दौरान दर्ज किए गए मुकदमे वापस लेने की मांग पर अड़े हैं.
एथेनॉल फैक्ट्री पर अब तक क्या हुआ?
बीते जनवरी महीने की शुरुआत में पर्यावरणीय मानकों की जांच के लिए गठित कमेटी मौके पर निरीक्षण के लिए पहुंची.
- उस दौरान कमेटी ने किसानों आपत्तियां और शिकायतें सुनी. फिर पर्यावरणीय प्रभावों की जांच के लिए कमेटी ने राठीखेड़ा में एथेनॉल फैक्ट्री परिसर से सैंपल लिए.
- एथेनॉल फैक्ट्री के विरोध के बीच कंपनी प्रबंधन ने राठीखेड़ा में फैक्ट्री नहीं लगाने का निर्णय लिया था. कंपनी ने कहा कि उनके पास दूसरे राज्य से प्रस्ताव आ रहे हैं.
- हाईकोर्ट ने किसानों पर दर्ज एफआईआर में आगे की कार्रवाई पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं.
हाईकोर्ट से FIR की कार्रवाई पर रोक
इस पर प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि इन मांगों को लेकर पूर्व में ही राज्य सरकार को पत्र लिखा जा चुका है और दर्ज मुकदमों की जांच सीआईडी-सीबी को सौंपी गई है. वहीं, हाईकोर्ट ने किसानों पर दर्ज एफआईआर में आगे की किसी भी कार्रवाई पर रोक लगाने का निर्देश दिया. किसानों पर यह एफआईआर एथेनॉल फैक्ट्री को लेकर 10 दिसंबर को टिब्बी में आयोजित महापंचायत के बाद फैक्ट्री परिसर में तोड़फोड़ और आगजनी को लेकर हुई थी.
हाईकोर्ट ने एफआईआर में कार्रवाई पर रोक लगाते हुए स्पष्ट तौर पर कहा कि एक ही मामले में दो एफआईआर दर्ज करना कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग होगा. वह भी ऐसे स्थिति में, जब दोनों FIR में सत्यता, सार, कारण-कार्य, घटना, घटना स्थल, अपराधों की प्रकृति, पुलिस स्टेशन और यहां तक कि पक्षकार भी समान हैं. हाईकोर्ट ने संबंधित पक्ष को नोटिस जारी करते हुए कहा कि ऐसे में अदालत की अंतर्निहित शक्तियों का प्रयोग किया जाना उचित है.
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