Rajasthan Panchayat Election: पंचायतीराज संस्थाओं और शहरी निकायों के चुनावों में उम्मीदवारों के लिए शैक्षणिक योग्यता अनिवार्य नहीं होगी. सरकार अनपढ़ लोगों के चुनाव लड़ने पर कोई रोक लगाने नहीं जा रही है. इसके साथ ही दो से ज्यादा बच्चों वाले उम्मीदवारों पर चुनाव लड़ने की जो पाबंदी थी, उसे हटाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है. इसके लिए विधि विभाग को फाइलें भेजी गई है. बता दें, मंत्री झाबर लाल खर्रा ने दिसंबर में ही नगर पालिका अधिनियम में संशोधन के लिए भेजे गए प्रस्ताव को प्रशासनिक अनुमति प्रदान किया था.
शैक्षणिक योग्यता के शर्त पर लिखित जवाब
सरकार ने विधानसभा में लिखित जवाब देकर पहली बार साफ तौर पर यह स्थिति रखी है. कांग्रेस विधायक पूसाराम गोदारा के सवाल के जवाब में सरकार ने बताया कि निकाय और पंचायत चुनावों में न तो शैक्षणिक योग्यता लागू करने का कोई प्रस्ताव है और न ही इस संबंध में नियमों में बदलाव पर विचार किया जा रहा है.
सरकार ने अपने जवाब में कहा कि नगर निकाय चुनावों से जुड़े राजस्थान नगरपालिका अधिनियम 2009 की धारा 21 में उम्मीदवारों की योग्यता को लेकर प्रावधान हैं, लेकिन इसमें कहीं भी शैक्षणिक योग्यता की शर्त नहीं है. फिलहाल इस धारा में किसी तरह के संशोधन का प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है.
वहीं दो से ज्यादा संतान वालों को चुनाव लड़ने की अनुमति देने के सवाल पर सरकार ने बताया कि राजस्थान नगरपालिका अधिनियम 2009 की धारा 24 में संशोधन के लिए विधि विभाग को फाइल भेजी जा चुकी है, जो इस समय प्रक्रियाधीन है.
क्या है चुनाव के लिए बच्चों वाला नियम
बता दें कि राजस्थान में वर्तमान नियम के अनुसार, दो से ज्यादा बच्चों वाले व्यक्ति को पंचायत और नगर निगम चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं थी. इसके तहत, अगर 27 नवंबर, 1995 के बाद तीसरा बच्चा पैदा होता है, तो वह इन चुनावों के लिए अयोग्य हो जाएगा. वर्तमान में, पंच, सरपंच, उपसरपंच, पंचायत समिति सदस्य, जिला परिषद सदस्य, प्रधान, जिला प्रमुख, पार्षद, सभापति या महापौर जैसे पद इसी श्रेणी में आते हैं.
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