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स्वास्थ्य मंत्री के बयान से सियासी पारा चढ़ा, गर्भवती महिलाओं पर दिए बयान पर बीजेपी-कांग्रेस की तकरार

बीकानेर पीबीएम अस्पताल में गर्भवती महिलाओं की गंभीर हालत पर राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के बयान 'नाचते-गाते' पर सियासी घमासान छिड़ गया है.

स्वास्थ्य मंत्री के बयान से सियासी पारा चढ़ा, गर्भवती महिलाओं पर दिए बयान पर बीजेपी-कांग्रेस की तकरार
gajendra singh khimsar
NDTV

Rajasthan Politics: राजस्थान के बीकानेर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल पीबीएम में  स्वास्थ्य मंत्री के बयान से सियासी पारा हाई हो गया है. इस मामले में प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के एक बयान ने हलचल मचा दी है. गुरुवार को अस्पताल का दौरा करने पहुंचे मंत्री ने प्रसूताओं को लेकर कहा कि 'आप बताओ इन्हें कि गर्भवती महिलाएं PBM में सीरियस आई थीं या नाचते-गाते आई थीं?'  स्वास्थ्य मंत्री के मुंह से निकले इन शब्दों को कांग्रेस ने लपकते हुए राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है.

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जताई चिंता

 स्वास्थ्य मंत्री के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गहरी चिंता जताई है.  गहलोत ने कहा कि पहले कोटा में गर्भवती महिलाओं की मौतें हुईं, इसके बाद बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में महिलाओं की गंभीर हालत की खबरें सामने आई हैं. स्वास्थ्य मंत्री को इस पूरे मामले को गंभीरता से लेना चाहिए.' उन्होंने सरकार को नसीहत देते हुए कहा कि  ऐसा कुछ करना चाहिए जिससे अस्पताल जाने से डर रही महिलाओं का भरोसा फिर से बहाल हो सके.

गहलोत ने दावा किया कि कांग्रेस सरकार के समय  प्रदेश में 90 प्रतिशत प्रसव संस्थागत होते थे, लेकिन मौजूदा हलाता में अब संक्रमण और मानकों के अनुरूप दवाइयां न मिलने की खबरें आ रही हैं. उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री के बयान को पूरी तरह गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है. इसके अलावा स्वास्थ्य मंत्री का बचाव करते हुए डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा ने कहा की ऐसी कोई बात नहीं है,बयान के पीछे उनकी मंशा गलत नहीं थी.

स्वास्थ्य मंत्री के बयान का किया बचाव  

वही मामला बढ़ता देख स्वास्थ्य मंत्री का बचाव करने के लिए  सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने  किया उन्होंने कहा की स्वास्थ्य मंत्री की कोई गलत मंशा नहीं थी, उनका मतलब सिर्फ इतना था की महिलाएं पहले ही गंभीर हालत में अस्पताल आई थीं, उनका इलाज चल रहा है. वहीं , दूसरी ओर केंद्रीय कृषि मंत्री भागीरथ चौधरी ने इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. वहीं, दूसरी ओर यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने अपनी ही सरकार के मंत्री को नसीहत देते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन में शब्दों का चयन पूरी जिम्मेदारी के साथ होना चाहिए. केंद्रीय कृषि मंत्री भागीरथ चौधरी ने इस मामले पर किसी भी टिप्पणी से इनकार कर दिया.

डोटासरा बोले- मंत्री की मानसिकता सामंती

राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने स्वास्थ्य मंत्री पर निशाना साधते हुए  उन्हें 'सामंती'  करार दिया, उन्होंन कहा कि जब वे अपना विभाग ही नहीं संभाल पा रहे हैं,तो राजस्थान की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाए कैसे दे पाएंगे. उनका व्यवहार सामंती मानसिकता वाला है. कोटा में प्रसूताओं की मौतों के मामले एक महिला अपने छोटे बच्चे को छोड़कर मर गई ,लेकिन मंत्री वहां नहीं गए. आज तक उस मामले की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है और अब बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में भी वैसी ही स्थिति देखने को मिल रही है.हाल के दिनों में राजस्थान का स्वास्थ्य विभाग मातृ मृत्यु के मामलों को लेकर सवालों के घेरे में रहा है.अप्रैल में कोटा में एक महीने के भीतर पांच महिलाओं की मौत हो गई थी. इनमें से चार महिलाओं का सीज़ेरियन ऑपरेशन हुआ था और सर्जरी के तुरंत बाद उनकी हालत बिगड़ गई थी. जबकि एक महिला पांच महीने की गर्भवती थी और उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई.

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