Salman Khan: जयपुर द्वितीय जिला उपभोक्ता आयोग ने बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया था. वहीं कोर्ट ने वारंट की तामील कराने के लिए डीजीपी को तत्काल विशेष टास्क फोर्स गठित करने के निर्देश दिए थे. आयोग ने पुलिस प्रशासन को सख्त निर्देश दिए कि इस बार वारंट तामील हर हाल में सुनिश्चित हो. सलमान खान के खिलाफ वारंट 25 मार्च को जारी किया गया था. हालांकि इस वारंट पर अब राजस्थान हाई कोर्ट ने रोक लगा दी है.
राजश्री पान मसाला के भ्रामक विज्ञापन से जुड़े मामले में सलमान खान के खिलाफ जारी जमानती वारंट के आदेश पर राजस्थान हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है. जिला आयोग ने अभिनेता सलमान खान के खिलाफ जमानती वारंट जारी किए थे. इसके बाद से ये मामला सुर्खियों में बना हुआ था. राजस्थान हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए ये फैसला दिया. मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता आरपी सिंह और दिवेश शर्मा ने पैरवी की.
टास्क फोर्स को वारंट की तामील का मिला था आदेश
बता दें, उपभोक्ता आयोग ने स्पष्ट कहा कि टास्क फोर्स मुंबई जाकर व्यक्तिगत रूप से सलमान खान पर वारंट तामील सुनिश्चित करें. आयोग ने आदेश में कहा कि सेलिब्रिटी का दर्जा किसी को भी कानून से ऊपर होने का विशेषाधिकार नहीं देता. बार-बार वारंट जारी होने पर भी कोर्ट में हाजिर न होना और तामील में बाधा डालना कानून का अपमान है, जिससे उपभोक्ताओं का न्याय व्यवस्था में विश्वास डगमगाता है. आयोग ने पुलिस प्रशासन को सख्त निर्देश दिए कि इस बार वारंट तामील हर हाल में सुनिश्चित हो.
अवमानना की याचिका दायर हुई थी
दरअसल, जिला उपभोक्ता आयोग में राजश्री पान मसाला कंपनी और उसके ब्रांड एंबेसडर अभिनेता सलमान खान के खिलाफ अवमानना याचिका दायर की गई थी. याचिका में परिवादी योगेन्द्र सिंह बड़ियाल ने बताया कि 6 जनवरी 2026 को आयोग द्वारा रोक लगाए जाने के बावजूद राजश्री पान मसाला का प्रचार-प्रसार जारी रहा, जो आयोग की स्पष्ट अवमानना है.
याचिका में बताया गया कि रोक के बावजूद जयपुर, कोटा समेत अन्य शहरों में बड़े होर्डिंग्स लगाकर विज्ञापन जारी रखे गए हैं. इस याचिका पर आयोग की ओर से अभिनेता के खिलाफ जमानती वारंट जारी किए गए थे.
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