राजस्थान में निकाय चुनाव के सस्पेंस पर एएजी ने दी सफाई

राजस्थान हाईकोर्ट ने करीब 439 याचिकाओं पर फैसला देते हुए राज्य सरकार को 15 अप्रैल तक पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव कराने के आदेश दिए थे. इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने भी बरकरार रखा था.

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राजस्थान सरकार की ओर से 113 नगरीय निकायों के चुनाव टालने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की खबरों का एएजी शिवमंगल शर्मा ने खंडन करते हुए स्थिति साफ कर दी है. उन्होंने का है कि सरकार की ओर से निकाय चुनाव आगे बढ़वाने के लिए कोई याचिका दायर नहीं की गई है और ये खबरें तथ्यहीन हैं. दरअसल इस बारे में सोशल मीडिया समेत कई मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इस तरह की खबरें दी जा रही हैं. साथ ही, सदन में भी कांग्रेस नेताओं के बीच इस खबर की चर्चा होने लगी और वे भी इस मामले में सरकार को घेरते हुए नजर आ रहे हैं. नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी इस बारे में प्रतिक्रिया दी है. इन्हीं परिस्थितियों में अब अब राजस्थान सरकार के एएजी शिवमंगल शर्मा की ओर से स्थिति को स्पष्ट किया गया है. 

एएजी ने जिन खबरों का खंडन किया है उनमें बताया जा रहा था कि राजस्थान सरकार ने 113 नगरीय निकायों के चुनाव टालने के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. दरअसल हाईकोर्ट ने कुल 309 में से 113 नगरीय निकायों के वार्डों के परिसीमन को गलत ठहराया था. इनमें वार्डों की संख्या तो अपरिवर्तित रही, लेकिन उनकी आंतरिक सीमाओं में बदलाव किया गया था. खबरों में बताया गया कि राजस्थान सरकार ने इसी वजह से चुनाव टालने के लिए गुहार लगाई कि नए सिरे से परिसीमन प्रक्रिया पूरी करने के लिए अतिरिक्त समय चाहिए. हालांकि, एएजी ने अब इसका खंडन कर दिया है.

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15 अप्रैल तक चुनाव कराने के हैं निर्देश

आपको बता दें कि 14 नवंबर को राजस्थान हाईकोर्ट ने करीब 439 याचिकाओं पर फैसला देते हुए राज्य सरकार को 15 अप्रैल तक पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव कराने के आदेश दिए थे. साथ ही 31 दिसंबर तक परिसीमन पूरा करने को कहा था. लेकिन इस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर हुई. सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने भी 15 अप्रैल तक चुनाव कराने का निर्देश दिया था.

डेडलाइन तक चुनाव मुश्किल

वहीं, दूसरी ओर राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से निकाय चुनाव के लिए जारी शेड्यूल में मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन की तिथि 22 अप्रैल तय की गई है. इस लिहाज से ये उम्मीद लगाई जा रही है कि निकाय चुनाव 15 अप्रैल तक नहीं हो पाएंगे.

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