राजस्थान क्रिकेट संघ (RCA) की एडहॉक कमेटी की वार्षिक आमसभा (AGM) में 3 संघ के प्रतिनिधियों की गैर-मौजूदगी रही. सवाई माधोपुर और नागौर को बैठक में शामिल होने की अनुमति नहीं दी गई थी. जबकि धौलपुर की अनुपस्थिति का कारण स्पष्ट नहीं हो सका. जयपुर में शुक्रवार (26 जून) को RCA अकादमी में दोपहर 3 बजे बैठक हुई. बैठक में पिछले 90 दिनों के दौरान एडहॉक कमेटी द्वारा लिए गए फैसलों को पेश किया गया. साथ ही कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा के बाद निर्णय लिए गए.
जयपुर-उदयपुर में स्टेडियम निर्माण पर चर्चा
आरसीए की सोशल मीडिया गतिविधियों की समीक्षा, घरेलू क्रिकेट खिलाड़ियों के दैनिक भत्ते (DA) में बढ़ोतरी, जयपुर और उदयपुर में RCA स्टेडियम निर्माण कार्य दोबारा शुरू करने और RCA के लोकपाल को हटाने और नए लोकपाल की नियुक्ति पर भी चर्चा हुई. बैठक में मौजूदा लोकपाल को हटाने का निर्णय लिया गया और जल्द ही नए लोकपाल की नियुक्ति की जाएगी. बैठक में कहा गया कि अगर वर्तमान एडहॉक कमेटी का कार्यकाल आगे बढ़ाया जाता है तो चुनाव कराने को लेकर जल्द निर्णय लिया जाएगा.
भरतपुर जिला क्रिकेट संघ पर निलंबन बरकरार
आरसीए ने भरतपुर जिला क्रिकेट संघ को लेकर बड़ा फैसला लिया गया. एजीएम में भरतपुर जिला क्रिकेट संघ को निलंबित रखने का निर्णय बरकरार रखा गया. एडहॉक कमेटी ने बताया कि महिला के लगाए हुए आरोप और पॉक्सो से संबंधित शिकायत की जांच के लिए समिति गठित की गई है. जांच समिति को 25 दिन का समय दिया गया है. अगर आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित पदाधिकारियों पर आजीवन प्रतिबंध लगाने तक की कार्रवाई की जाएगी.
आरोप साबित हुए तो आजीवन क्रिकेट छोड़ दूंगा- शत्रुघ्न तिवारी
भरतपुर क्रिकेट संघ के सचिव शत्रुघ्न तिवारी ने आरोपों को सिरे से खारिज किया. उन्होंने कहा कि वह पुलिस, SOG या किसी भी एजेंसी से जांच कराने के लिए पूरी तरह तैयार हैं. पहले उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए और उसके बाद निष्पक्ष जांच कराई जाए.
तिवारी ने सवाल उठाया, "आरसीए एडहॉक कमेटी को जांच कराने का अधिकार किसने दिया? उन्होंने पूरे मामले को षड्यंत्र बताते हुए आरोप लगाया कि एडहॉक कमेटी के संयोजक मोहित यादव अपने चहेतों को भरतपुर जिला क्रिकेट संघ में लाना चाहते हैं. यही वजह है मेरे खिलाफ कार्रवाई की जा रही है. अगर आरोप सिद्ध हो जाते हैं तो वह आजीवन क्रिकेट छोड़ देंगे."
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