
Rajasthan: यूपी के नजीम खान को लेकर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने राजस्थान सरकार को राहत दी है. गो तस्करी मामले में 'आदतन अपराधी' खान की जमानत रद्द करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार (Rajasthan Government) की अपील स्वीकार करते हुए नाजिम खान (Nazim Khan) को नोटिस जारी किया है. कोर्ट ने उनसे मामले में अपना पक्ष रखने को भी कहा है.
राजस्थान सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की थी याचिका
राजस्थान सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता शिव मंगल शर्मा ने गोवंश परिवहन एवं पशु क्रूरता मामले में आरोपी नजीम खान की जमानत के आदेश को वापस लेने के लिए याचिका दायर की है. याचिका में नजीम खान को 21 अक्टूबर 2024 को दी गई जमानत को रद्द करने का अनुरोध किया गया है. याचिका को लेकर उस समय सरकार ने दलील दी थी कि संबंधित अधिकारी की लापरवाही के कारण नजीम खान की गंभीर आपराधिक पृष्ठभूमि के महत्वपूर्ण तथ्य उस समय अदालत के समक्ष प्रस्तुत नहीं किए जा सके, जिसे निलंबित किया जा चुका है। इस कारण देरी हुई.
सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया 'कारण बताओ' नोटिस
अदालत ने इसी याचिका पर नजीम खान को 'कारण बताओ' नोटिस भी जारी किया, जिसमें पूछा गया कि उत्तर प्रदेश में लंबित आपराधिक मामलों में वह कोर्ट में क्यों नहीं पेश हुए, जहां उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किए गए हैं. साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने उनसे यह स्पष्ट करने को कहा कि क्या उन्हें सभी लंबित मामलों में रिहा किया गया है या नहीं.
क्या है मामला
इस मामले में ट्रक ड्राइवर और एक अन्य यात्री को हिरासत में भी लिया गया था. वहीं आरोपी नजीम खान कथित तौर पर भागने में सफल रहा. जांच में खुलासा हुआ कि खान के खिलाफ राजस्थान और उत्तर प्रदेश में कई गौवंश परिवहन के मामले दर्ज हैं, जो उनके अपराध की एक आदतन और गंभीर प्रवृत्ति को दर्शाते हैं.
किन आरोपों में मामले है दर्ज
राजस्थान सरकार की याचिका में यह बताया गया है कि खान की गतिविधियां न केवल राज्य के कानूनों का उल्लंघन करती हैं, बल्कि कानूनी प्रक्रियाओं के प्रति उनकी उदासीनता को भी दर्शाती हैं. सरकार का कहना है कि खान का लगातार भागना और अदालतों से बचना उसे बड़ा जोखिम बनाता है और उसकी जमानत को रद्द करना कानून प्रवर्तन के हित में आवश्यक है. अप्रैल 2024 में उत्पादन वारंट (Production Warrant) के तहत गिरफ्तारी के बावजूद, नजीम खान गायों की तस्करी, धोखाधड़ी, षड्यंत्र और संगठित अपराध जैसे गंभीर मामलों में आरोपी है.
सुनाई को लेकर पहले कहां हुई थी चूक
अतिरिक्त महाधिवक्ता शर्मा ने तर्क दिया कि 8 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस राजस्थान सरकार के गृह विभाग की बजाय नादौती थाने को भेजा गया, जिसके कारण राज्य सरकार सुनवाई में उपस्थित नहीं हो सकी. उसके बाद संज्ञान में आने पर कार्रवाई करते हुए 28 अक्टूबर को नादौती थाने के थाना प्रभारी पुलिस निरीक्षक भोजाराम को लापरवाही के मामले में निलंबित कर दिया गया तथा नोटिस पर कार्रवाई नहीं करने पर आंतरिक जांच शुरू कर दी गई.
कौन है नजीम खान
नजीम खान उत्तर प्रदेश के संभल इलाके का रहने वाला है.उसके खिलाफ राजस्थान और उत्तर प्रदेश में सात गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं. पुलिस रिकॉर्ड से पता चलता है कि खान उत्तर प्रदेश में भी ऐसे मामलों में शामिल रहा है, जिसमें उसके खिलाफ कई गैर-जमानती वारंट जारी हो चुके हैं. खासकर संभल, हाथरस, आगरा और चंदौली में मामले लंबित हैं.
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