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This Article is From Jan 27, 2026

Rajasthan: फर्जी डिग्री, डमी कैंडिडेट से बने PTI टीचर, 2 यूनिवर्सिटी के खिलाफ SOG का एक्शन

जांच में पता चला कि बैक डेट में डिग्री जारी करने के कारण बीपीएड कोर्स दो साल का बताया गया और अभ्यर्थी फर्जीवाड़ा करके पीटीआई टीचर बन गए.

Rajasthan: फर्जी डिग्री, डमी कैंडिडेट से बने PTI टीचर, 2 यूनिवर्सिटी के खिलाफ SOG का एक्शन
PTI भर्ती में 2 यूनिवर्सिटी और 2 अभ्यर्थी के खिलाफ SOG का एक्शन

Rajasthan News: डमी कैंडिडेट बैठाकर परीक्षा पास करने और फर्जी डिग्री के जरिए नौकरी पाने के मामले में एसओजी ने बड़ी कार्रवाई की है. एसओजी ने 2022 पीटीआई भर्ती से जुड़े मामले में 2 अभ्यर्थी और दो कॉलेज के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है. जिन दोनों के खिलाफ एफआईआर हुई है, उन लोगों ने डमी कैंडिडेट के जरिए परीक्षा पास की. साथ ही नौकरी के लिए फर्जी डिग्री भी लगाई है. एसओजी की एफआईआर में भोपाल की दो यूनिवर्सिटी को आरोपी बनाया गया है. 

हस्ताक्षर का नहीं हुआ मिलान

DIG परिस देशमुख ने कहा कि अनिल पाटीदार ने अपनी जगह किसी और से परीक्षा दिलवाई. जांच के लिए परीक्षा सेंटर के अटेंडेंट्स रजिस्टर में हस्ताक्षर के नमूने और फोटो रिकॉर्ड में ली गई. अभ्यर्थी के परीक्षा केंद्र के दस्तखत के नमूनों का वर्तमान हस्ताक्षर से मिलान नहीं हुआ. जांच में सामने आया कि उसने खुद परीक्षा नहीं देकर डमी कैंडिडेट बिठाकर परीक्षा दी थी. 

एसओजी की पड़ताल में सामने आया कि अनिल पाटीदार ने अपने आवेदन पत्र में जेएस यूनिवर्सिटी की बीपीएड डिग्री होने का जिक्र किया था. जबकि दस्तावेज सत्यापन में उसने रवींद्र नाथ टैगोर विश्वविद्यालय, भोपाल की डिग्री पेश की. इसमें बीपीएड की डिग्री दो साल की बताई गई. जबकि वास्तव में यह कोर्स एक साल का ही था. जांच में पता चला कि बैकडेट में डिग्री जारी करने के कारण बीपीएड कोर्स दो साल का बताया गया और आरोपी ने बेईमानी से पीटीआई भर्ती में चयनित होकर लाभ हासिल किया.

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रवींद्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय पर मुकदमा दर्ज

एसओजी ने रवींद्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया है. इसी तरह रीडमल राम देवासी के खिलाफ शिकायत मिली थी. रिड़मल राम पर भी डमी कैंडिडेट के जरिए पीटीआई भर्ती परीक्षा पास होने का आरोप लगा था. जांच में सामने आया कि उसने खुद परीक्षा नहीं देकर डमी अभ्यर्थी बिठाकर परीक्षा दी थी. एसओजी की पड़ताल में सामने आया कि आरोपी ने श्रीसत्य साईं यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मेडिकल साइंस, भोपाल (मध्यप्रदेश) के प्रशासन से मिलकर फर्जी तरीके से बैकडेट में डिग्री हासिल की.

उसने डमी अभ्यर्थी बिठाकर परीक्षा पास की और फर्जी डिग्री के आधार पर चयनित हुआ. एफआईआर में श्रीसत्य साईं यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मेडिकल साइंस को भी आरोपी बनाया गया है. अब तक की पड़ताल में 67 अभ्यर्थियों की डिग्री श्रीसत्य साईं यूनिवर्सिटी की होने की बात सामने आई है. इनमें से 40 अभ्यर्थी ऐसे हैं. जिन्होंने आवेदन पत्र में किसी और यूनिवर्सिटी की डिग्री होने की जानकारी दी, लेकिन दस्तावेज सत्यापन के समय श्रीसत्य साईं यूनिवर्सिटी की डिग्री पेश की है. एसओजी ने इस कॉलेज में रेड मारकर कई दस्तावेज़ भी ज़ब्त किया है.

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