Rajasthan School lottery System: राजस्थान के शिक्षा विभाग ने शिक्षा के अधिकार के तहत निजी स्कूलों में मुफ्त शिक्षा को लेकर प्रवेश के लिए विभाग के जरिए लॉटरी जारी की गई है. शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने पाली से बटन दबाकर प्रदेश के हजारों बच्चों के भविष्य का फैसला किया. इस बार 33 हजार से अधिक निजी स्कूलों में बच्चों को निशुल्क शिक्षा दी जाएगी.
20 लाख के करीब आए आवेदन
प्रदेश में 33 हजार 137 स्कूलों में विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाएगा. इस सत्र में कुल 19 लाख 92 हजार 357 आवेदन प्राप्त हुए थे। आवेदन में भरी स्कूल के चयन के मुताबिक लॉटरी निकाली गई है.
पसंद के स्कूल में दी वरीयता
सभी आवेदकों को अपने पसंद के स्कूल के क्रम में वरीयता दी गई है. इसके मुताबिक वे अपनी पसंद के स्कूल में रिपोर्टिंग कर सकते हैं. वे जिस स्कूल में रिपोर्टिंग कर रहे हैं. वहां उनका वरीयता क्रमांक क्या है. इसके हिसाब से प्रवेश मिल सकेगा.
लॉटरी में शामिल विद्यार्थियों का गणित
इस बार निजी स्कूलों में कुल आवेदन करने वाले विद्यार्थियों में से 6 लाख 25 हजार 146 विद्यार्थियों के नाम लॉटरी में शामिल किए गए हैं. इनमें 3 लाख 29 हजार 165 बालक और 2 लाख 95 हजार 970 बालिकाएं हैं. वहीं, 11 थर्ड जेंडर विद्यार्थियों ने भी प्रवेश के लिए आवेदन किया है.
1 अप्रैल से शुरू होगा नया सत्र
बता दें कि इस बार शिक्षा विभाग नया सत्र जुलाई की जगह 1 अप्रैल से शुरू करना चाहता है. इसके लिए तैयारियां पूरी कर ली गई है. ऐसे में शिक्षा के अधिकार(RTE) के तहत प्रवेश पाने वाले बच्चे जैसे जैसे रिपोर्टिंग करते जाएंगे. उन्हें प्रवेश मिल जाएगा. इसके लिए पहले ही विद्यालयों में सीट रिजर्व करने की पहल भी विभाग ने की थी. ताकि विद्यार्थियों को परेशानी ना हो.