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This Article is From Sep 07, 2023

राजस्थान में चुनाव से पहले सरदार पटेल बोर्ड का गठन, जानिए इसके चुनावी मायने

राजस्थान में गहलोत सरकार ने चुनाव से पहले सरदार पटेल बोर्ड का गठन किया है. इस बोर्ड का उद्देश्य पटेल समुदाय के लोगों के विकास और उन्हें रोजगार के लिए उपाए बताना है. हालांकि इसके कई चुनावी मायने भी है.

राजस्थान में चुनाव से पहले सरदार पटेल बोर्ड का गठन, जानिए इसके चुनावी मायने
पूर्व जल संसाधन मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीया और AICC सदस्य दिनेश खोड़निया और अन्य समाज के लोगों मुख्यमंत्री से भेंट करते हुए

राजस्थान में विधानसभा चुनाव से पहले गहलोत सरकार ने  "राजस्थान राज्य सरदार पटेल बोर्ड" का गठन किया है. यहां काफी लंबे समय से पटेल समाज द्वारा "सरदार पटेल बोर्ड" की मांग की जा रही थी. चुनावी सरगर्मी के इस माहौल में गहलोत सरकार ने बोर्ड का गठन करके लगभग 10 प्रतिशत आबादी को लुभाने का प्रयास किया है. इस बोर्ड का उद्देश्य पटेल समाज के लोगों की सामाजिक एवं शैक्षणिक स्थिति का पता लगा कर उनके हित में नीतियां बनाना होगा. चुनाव से पहले मेवाड़ और वागड़ क्षेत्र में रहने वाले पाटीदार, पटेल, आँजणा, सांगी, पटेल समाज को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए  "राजस्थान राज्य सरदार पटेल बोर्ड" का गठन किया है.


पटेल कल्याण बोर्ड के गठन का उद्देश्य 
समाज में पटेल समाजिक स्थिति का जायजा लेने के उद्देश्य  से और प्रमाणिक सर्वे रिपोर्ट के आधार पर इन वर्गों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का मुख्य लक्ष्य रहेगा.  इसके अलावा समाज के पिछड़ेपन को दूर करने के लिए सुझाव देना भी इसका कार्य रहेगा. 

बोर्ड में होंगे सात गैर सरकारी सदस्य   
इन पदों का मनोनयन राजस्थान राज्य सरदार पटेल कल्याण बोर्ड के नियमों के अन्तर्गत किया जायेगा और साथ ही सरकारी सदस्यों के रुप में इस बोर्ड में आयुक्त, उद्योग, शासन सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग, शासन सचिव, उच्च शिक्षा विभाग, शासन सचिव, ग्रामीण विकास विभाग एवं पंचायत राज विभाग, आयुक्त / निदेशक, श्रम विभाग,  आयुक्त / निदेशक, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, उप निदेशक स्तर का विभागीय अधिकारी (सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग) शामिल होंगे. विशेष आमंत्रित सदस्य के रुप में  प्रबन्ध निदेशक, राजस्थान राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास सहकारी निगम लिमिटेड को शामिल किया गया है. इस प्रकार बोर्ड में  जिसमें, अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और पांच अन्य सदस्य होंगे.

योजनाएं और रोजगार बढ़ाने के उपाए सुझाएगी बोर्ड
यह बोर्ड राजस्थान के पटेल (पाटीदार, पटेल, अंजना, डांगी, अन्य लोग इसमें शामिल होते है) जाति  समाज  के  लोगो की सामाजिक एवं शैक्षणिक स्थिति का अध्ययन कर  राज्य सरकार को रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा. साथ ही इस समाज के लिए विभिन्न योजनाएँ  प्रस्तावित करना तथा रोजगार को बढ़ावा देने के लिए उपाय सुझाएगा.

बोर्ड गठन के चुनावी मायने, मेवाड़ और वागड़ का वोट बैंक
मेवाड़ और वागड़ क्षेत्र में पाटीदार, पटेल, डांगी आदि समाज का एक बड़ा वोट बैंक है.  यह समाज लंबे समय से सरदार पटेल कल्याण बोर्ड का गठन करने की मांग करता आया है. इसको लेकर कुछ समय पहले समाज द्वारा एक महापंचायत का आयोजन किया गया था जिसमें इस मांग को प्रमुखता से उठाया गया था. जिसके बाद कांग्रेस के स्थानीय कद्दावर नेता सक्रिय हुए और उन्होंने समाज के पदाधिकारी के साथ मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मुलाकात कराई थी.

आबादी लगभग 80 लाख 
पटेल समाज कृषि पर ही अपना जीवन यापन करता हैं, सबसे ख़ास बात यह है कि कोरोना काल में राज्य के 28 हज़ार से ज्यादा किसानों ने अपने खेतों में खड़ी फसलों तक को उस समय आये संकट के लिए समाज को दान कर दिया था. संकट की हर परिस्थिति में पटेल समाज प्रदेश के साथ खड़ा रहा हैं. राजस्थान इनकी आबादी पूरे राज्य की जनसंख्या के अनुपात में तकरीबन 10 प्रतिशत हैं. जो की काफी बड़ा वोट बैंक साबित होता है. 

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