Rajasthan News: सुप्रीम कोर्ट में राज्य सरकार द्वारा निकाय चुनाव टलवाने के लिए याचिका दायर करने को लेकर पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने भी सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है. पूर्व विधायक ने सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दायर कर सरकार की याचिका पर सुनवाई के दौरान खुद को भी पक्ष रखने की मांग की है. हालांकि सरकार द्वारा ऐसी किसी याचिका के दायर होने की बात पर राज्य सरकार के वकील एएजी शिव मंगल शर्मा ने इनकार किया था. एएजी शिव मंगल शर्मा ने एनडीटीवी को बताया कि सरकार की ओर से निकाय चुनाव आगे बढ़वाने के लिए कोई याचिका दायर नहीं की गई है.
चुनाव पहले ही काफी देरी से हो रहे हैं
वहीं, पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने कहा कि सरकार किसी न किसी बहाने से चुनाव टालना चाहती है, जबकि ये चुनाव पहले ही काफी देरी से हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि वे सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के समक्ष अपने तर्क रखेंगे. परिसीमन, पुनर्गठन या ओबीसी आयोग जैसे बहानों से चुनाव नहीं टाले जा सकते. कोर्ट को सरकार को निर्देश देना चाहिए कि वह निर्धारित समय पर चुनाव कराए.
दरअसल, सोशल मीडिया पर वायरल खबरों में बताया गया कि राजस्थान हाईकोर्ट ने परिसीमन से जुड़ी कई याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए 309 में से 113 नगरीय निकायों के वार्ड परिसीमन को रद्द कर दिया. सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओ ने बताया कि इन निकायों में वार्डों की संख्या तो अपरिवर्तित रही, लेकिन उनकी आंतरिक सीमाओं में बदलाव किया गया था, जिसे हाईकोर्ट ने अस्वीकार कर दिया.
एएजी ऐसी याचिका के लिए इनकार कर चुके हैं
इसी को लेकर सरकार की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि नए सिरे से परिसीमन प्रक्रिया पूरी करने के लिए अतिरिक्त समय की जरूरत है. इसलिए चुनाव स्थगित किए जाएं. हालांकि एएजी ऐसी याचिका के लिए इनकार कर चुके हैं.
आपको बता दें कि राजस्थान हाईकोर्ट ने 14 नवंबर को 439 याचिकाओं पर फैसला सुनाते हुए राज्य सरकार को 15 अप्रैल तक पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव कराने के निर्देश दिए थे. साथ ही, 31 दिसंबर तक परिसीमन पूरा करने को कहा था. इस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने भी 15 अप्रैल तक चुनाव कराने का निर्देश दोहराया था.