राज्यसभा चुनाव में क्या BJP उतारेगी तीसरा उम्मीदवार? जोगाराम पटेल के बयान ने बढ़ा दी सियासी हलचल

दो उम्मीदवारों के नामों के ऐलान के बाद अब बीजेपी तीसरे कैंडिडेट को भी राज्यसभा चुनाव में उतार सकती है. राजस्थान कैबिनेट मंत्री ने इसके संकेत दिए हैं. अगर ऐसा होता है मुकाबला रोमांचक हो जाएगा. आइए जानते हैं कैसे...

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राजस्थान कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल ने NDTV से खास बातचीत में बड़े संकेत दिए हैं.
NDTV Reporter

Jaipur News: राजस्थान में राज्यसभा चुनाव की तारीखें नज़दीक आते ही राज्य की सियासत का पारा चढ़ने लगा है. भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने दो उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया है, लेकिन अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या पार्टी तीन सीटों वाले इस चुनाव में तीसरा उम्मीदवार भी मैदान में उतारेगी?

जोगाराम पटेल के बयान से मचा हड़कंप

इस सस्पेंस को तब और हवा मिली, जब राजस्थान सरकार में संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने तीसरे उम्मीदवार की संभावना से साफ इनकार नहीं किया. जब उनसे इस बारे में सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि इस सवाल के जवाब के लिए अभी थोड़ा इंतजार करना होगा. उनके इस संक्षिप्त जवाब ने राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है कि क्या बीजेपी पर्दे के पीछे किसी बड़े मास्टरस्ट्रोक की तैयारी कर रही है?

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क्या है विधानसभा का गणित?

200 सदस्यीय राजस्थान विधानसभा में बीजेपी के पास 118 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के पास 67 विधायक हैं. राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए लगभग 51 प्रथम वरीयता वोटों की आवश्यकता होती है. बीजेपी यदि अपने दो उम्मीदवारों को जिताती है, तो उन्हें कुल 102 वोटों की जरूरत होगी. इसके बाद भी बीजेपी के पास 16 वोट अतिरिक्त बचते हैं. वहीं, कांग्रेस अपने एक उम्मीदवार को 51 वोट देकर जिता सकती है, जिसके बाद उनके पास भी करीब 16 वोट अतिरिक्त बच जाएंगे.

क्यों रोमांचक हो सकती है बीजेपी की रणनीति?

पहली नजर में गणित बीजेपी के लिए दो और कांग्रेस के लिए एक सीट का है. लेकिन राजनीति में गणित हमेशा अंतिम सच नहीं होता. अगर बीजेपी तीसरा उम्मीदवार उतारती है, तो इसका मतलब है कि बीजेपी अपने 16 अतिरिक्त वोटों के साथ निर्दलीय और अन्य सहयोगियों को साधकर कांग्रेस की एकजुटता का टेस्ट ले सकती है. तीसरे उम्मीदवार को उतारना केवल जीत के लिए नहीं, बल्कि विपक्ष को असहज करने और राजनीतिक उठापटक पैदा करने का एक बड़ा जरिया हो सकता है. 

क्या तीसरी सीट जीतना मुमकिन है?

मौजूदा संख्या बल के आधार पर किसी भी दल के लिए तीसरी सीट जीतना आसान नहीं है. लेकिन यदि मुकाबला त्रिकोणीय होता है, तो क्रॉस-वोटिंग या निर्दलीय विधायकों का झुकाव चुनाव के परिणामों को दिलचस्प बना सकता है. फिलहाल, पूरा राज्य इस बात पर नजर गड़ाए बैठा है कि क्या बीजेपी केवल दो सीटों वाली सुरक्षित रणनीति पर टिकेगी, या फिर तीसरे उम्मीदवार को मैदान में उतारकर राजस्थान की राज्यसभा लड़ाई को हाई वोल्टेज ड्रामा में बदल देगी.

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