राजस्थान विधानसभा के पांचवें सत्र के दौरान गुरुवार को शिव विधानसभा क्षेत्र के विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर प्रश्न पूछे. साथ ही सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत वितरित की जा रही खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और निर्धारित मात्रा को और जमीनी स्तर पर हो रहीअनियमितताओं लेकर भी सवाल उठाया.
उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा योजना गरीब और जरूरतमंद परिवारों के जीवन से जुड़ी योजना है, और इसमें पारदर्शिता, शुद्धता और पात्रता का सही निर्धारण सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए.
"कैंसर के केस बड़ी संख्या में आए"
विधानसभा के बाहर पत्रकारों से बातचीत के दौरान विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने कहा कि बाड़मेर के कई गांवों में और शिव विधानसभा क्षेत्र में अल्प आय वर्ग के लोग हैं, उनमें कैंसर के केस बड़ी संख्या में आए हैं. भाटी ने कहा कि गेहूं की क्वालिटी को देखना चाहिए. उन्होंने कहा कि लोगों में कैंसर का एक कारण यह गेहूं भी है. भाटी ने दावे के साथ कहा कि दूसरे कारकों के साथ यह राशन का गेहूं भी कैंसर का कारण है.
गोदारा बोले- तथ्य है तो उसे दें
इस पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि अगर ऐसी कोई आशंका है, तो गेहूं की क्वालिटी की जांच कर ली जानी चाहिए. एनएफएसए के गेहूं से कैंसर होने के रविंद्र सिंह भाटी के बयान पर खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने कहा, "यह हमारे देश का ही गेहूं है. अगर भाटी जी के पास कोई तथ्य है, तो उसी आधार पर बात करनी चाहिए. उस तत्थ को दें.
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