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सचिन पायलट ने तेल से लेकर NEET पेपर और मार्को रुबियो मामले में सरकार को घेरा, कहा- सरकार को कोई चिंता नहीं

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूुबियो के जयपुर दौरे पर पायलट ने कहा कि हमारी सरकार ने एक ऐसा संयमित विदेश नीति बनाई थी कि हमारे रिश्ते हर देश से अच्छे रहे. लेकिन अपने मान, सम्मान, स्वाभिमान की रक्षा करना हमारी जिम्मेदारी है.

सचिन पायलट ने तेल से लेकर NEET पेपर और मार्को रुबियो मामले में सरकार को घेरा, कहा- सरकार को कोई चिंता नहीं
सचिन पायलट

Sachin Pilot: पूर्व मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने पेट्रोल डीजल के दाम बढ़ने पर सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि अब चुनाव के परिणाम आने के बाद लगातार कितनी बार तो पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ गए हैं, और रोज बढ़ रहे हैं. आज फिर बढ़ोतरी की है. जनता पर अगर बोझ डालना ही था, तो पहले ही पटाखे फोड़ देते तो क्या दिक्कत आती? चुनाव के समय भाषण देने दिक्कत होती  लेकिन अब कह रहे हैं कि बचत करनी है, खाने के तेल में कमी करनी है, सोना नहीं खरीदना और पेट्रोल डीजल दाम बढ़ने से खाने के पदार्थों या कोई भी चीज महंगी हो जाती है.

महंगाई पर सरकार का कोई ध्यान नहीं है. और मुझे लगता है कि सरकार का एक ही मात्र एजेंडा है कि चुनाव जीते, विपक्ष को प्रताड़ित करें, विपक्ष लोगों को बदनाम करें और खुद में जो अभी पेपर लीक हुआ NEET का, उसमें सरकार ने क्या किया? एक बार फिर जांच सीबीआई को दे दी है. 

पायलट ने NEET पेपर लीक मामले में भी सरकार पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि लगातार तीसरी बार नीट पेपर लीक हुआ है 24 में, 25 में, 26 में और यह जब पकड़ा जाता है तब कैंसिल करते हैं. ऐसे कितने पेपर हुए होंगे जिनमें नकल हुई होगी, लीक हुआ होगा, लेकिन कैंसिल नहीं किया. आज भी सिर्फ सीबीआई को जांच देने से सरकार अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रही है.

सरकार को कोई चिंता नहीं

अगर वास्तव में उन्हें युवाओं की चिंता हो, नौजवानों की फिक्र हो तो कुछ कारगर कदम उठाएं, जिम्मेदारी तय करें, लोगों को बर्खास्त करें, इस्तीफा लें, वह सरकार करने को तैयार नहीं है. 22 लाख लोगों ने पेपर दिया था, इतने बच्चों ने आत्महत्या कर ली है. कल मैं झुंझुनू गया था, वहां एक गरीब दलित परिवार के बच्चे ने आत्महत्या की है. ऐसे अनेक प्रकरण सामने आ रहे हैं. इस सरकार पर कोई फर्क नहीं पड़ता. इनको सत्ता से प्रेम है, ऐन केन प्रकारेण सत्ता में रहना है और जनता पर जो त्रासदी हो रही है, आज महंगाई बेरोजगारी, कोई चिंता सरकार को नहीं है. 

हमारी पूरी पार्टी, पूरा विपक्ष एकजुट है. हम लगातार आंदोलन करेंगे, राजस्थान समेत पूरे प्रदेश और देश में ताकि इनकी आंख खोलें ताकि यह बचे कार्यकाल में जनता की भलाई के लिए कुछ काम कर सके. मोदी जी विदेश यात्राओं पर भी लगातार जा रहे हैं, कह रहे हैं. इसलिए तो यह प्रवचन देश के लिए है, बचत करो तेल की, खाने के तेल की, सोने की और अपना सब महंगाई के इस प्रहार में गरीब जनता की जेब पर डाका डाल रहे हैं. और जो पूरी सरकार है, उनको सिर्फ अपने पदों से मतलब है चाहे शिक्षा मंत्री हो चाहे पटोले मंत्री हो, कोई इस्तीफा देने को तैयार नहीं है और प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी बनती है, जो विभाग, जो मंत्रालय काम नहीं कर रहा, जो लगातार फेल हो रहा है उसको कम अकाउंटेबल बनाए, वह प्रधानमंत्री बिल्कुल नहीं कर रहे सर.

मार्को रुबियो पर क्या बोले सचिन वायलट

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूुबियो के जयपुर दौरे पर पायलट ने कहा कि हमारी सरकार ने एक ऐसा संयमित विदेश नीति बनाई थी कि हमारे रिश्ते हर देश से अच्छे रहे. लेकिन अपने मान, सम्मान, स्वाभिमान की रक्षा करना हमारी जिम्मेदारी है. हमारी ऊर्जा नीति, हमारी विदेश नीति, हमारी वित्तीय नीति, हमारी आंतरिक सुरक्षा, यह हमारा सर्वोपरि होना चाहिए और अगर कोई देश हमको बोलता है कि आप रूस से तेल नहीं ले सकते, आप 500 बिलियन डॉलर्स का हमसे माल खरीदेंगे, यह हमने कमिटमेंट की तरह से कर दिया है. तो यह विदेश नीति की सफलता नहीं है और द्विपक्षीय नीति ऐसी होती है, बराबरी की हिस्सेदारी होती है.

हिस्सेदारी होती है. चाहे अमेरिका हो, चाहे रूस हो, चाहे चीन हो, हमेशा बराबरी से हमको बात करनी चाहिए. अब चीन हमारी सीमाओं पर प्रहार करता है. अमेरिका सीज फायर खुद डिक्लेअर कर रहा है वहां के राष्ट्रपति और हमारी ऊर्जा जो नीति जो स्वतंत्र होनी चाहिए. हम तेल वेनेजुएला से लें, ईरान से लें, रूस से लें, हमारी मर्जी हो. हमको डिक्टेट किया जा रहा है, यह पहली बार हो रहा है. द्विपक्षीय संबंध अच्छे होने चाहिए. मैं भी इस बात में सहमत हूं, लेकिन बराबरी के प्लेटफार्म से चर्चा होनी चाहिए, संवाद होना चाहिए. इस तरह का जो हमको डिक्टेट किया जा रहा है और जो अभी नई नीति बनाई है.

दोनों इंजन आपके फिर भी निकाय चुनाव में देरी

सचिन पायलट ने निकाय चुनाव और पंचायती चुनाव को लेकर कहा कि सरकार को कितनी बार फटकार पड़ चुकी. कोर्ट बार-बार कह चुका है. इस बार दोबारा 31 जुलाई को उन्होंने चुनाव कराने का कहा है. सरकार ने ना तो छात्र संघ के चुनाव कराए, ना पंचायत के, ना नगरपालिका के और ये सब जानते हैं. भारत सरकार ने स्पष्ट कह दिया कि जब तक आप निकाय चुनाव नहीं कराओगे, आपको बजट नहीं मिलेगा. 

सरकार भी आपकी है, इंजन भी आपके हैं दोनों, फिर आप चुनाव नहीं करा रहे, राजस्थान के लोगों को हजारों करोड़ रुपए का उसमें नुकसान हो रहा है क्योंकि केंद्र सरकार ने मना कर दिया है. भई आज भी अखबार में छपा है. अगर लोकल बॉडी नहीं है तो पैसा नहीं मिलेगा हमको, हमारी है ही नहीं और कई लंबे समय से नहीं है और अभी भी सरकार के बहाने देखो आप, कभी गर्मी है, कभी रिपोर्ट नहीं आई है इस प्रकार के बहाने कोर्ट में देते हैं और मुझे लगता है कि दोबारा ये लोग कोर्ट में जाएंगे, अपील करेंगे, चुनाव से डरते हैं. चुनाव होगा पोल खुलेगी, कांग्रेस बंपर जीतेगी. पर जीतेगी, इस डर से चुनाव नहीं हो रहे.

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