राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पर महिला कांग्रेस के कार्यक्रम में शामिल हुए. उन्होंने कहा कि नई जिला अध्यक्षों की नियुक्ति में भी महिलाओं की संख्या बढ़ी है. साथ ही इस दौरान उन्होंने सरकार पर निशाना साधा.उन्होंने कहा कि आपने केंद्र का बजट देख लिया, राज्य का बजट देख लिया. उसके बाद अमेरिका के साथ जो डील हुई, उससे कई सवाल खड़े हो गए हैं.
कहीं ना कहीं देश के लोगों को जागरूक होना पड़ेगा, कहीं ना कहीं भारत के किसानों का, विशेषकर कपास और सोयाबीन के किसानों का अहित होने वाला है. राहुल गांधी जी ने सदन में इस बात को रखा है. मुझे खेद है कि कि सरकार कोई भी हो लेकिन कभी भी किसी तरीके से देश के किसानों का छोटे व्यापारियों का, युवाओं के भविष्य के साथ कभी किसी ने खिलवाड़ नहीं किया.
मुझे समझ नहीं आ रहा है कि किस तरीके का दबाव है. हमारी यूरोपीय यूनियन के साथ भी डील हुई है. वह एक समझौता है. अमेरिका और ट्रंप जो करवा रहे हैं वह दबाव में हो रहा है.
पहले 50% कर दिया, अब 18% कर दिया, खुशियां मना रहे हैं ?
उन्होंने कहा कि हमारे किसानों और दूध दाताओं को मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा. हकीकत यह है कि भारत आज से पहले 2% 3% या 5% टैरिफ देता था. उसको पहले 50% कर दिया, अब 18% कर दिया. खुशियां मना रहे हैं. मुझे समझ नहीं आ रहा कि उनसे किस दाम पर खरीदेंगे क्या खरीदेंगे. वही हमारी ऊर्जा की जो सुरक्षा है उसके ऊपर भी बड़ा खतरा हुआ है. भारत जैसे ताकतवर देश को अमेरिका कैसे कह सकता है कि हम किस देश से क्या खरीदेंगे या नहीं खरीदेंगे.
पायलट ने कहा कि हम इन चीजों का विरोध लगातार रखेंगे. जनता को जागरूक करेंगे. पहले जमीन अधिग्रहण बिल में संशोधन किया लेकिन उसे वापस लेना पड़ा. किसानों के कानून वापस लेने पड़े. वहीं उन्होंने कहा कि हमें अपने भविष्य के लिए अपने पड़ोसी देशों से संबंध ठीक करने होंगे. हमारे सभी पड़ोसी देशों से संबंध खराब हुए हैं. भविष्य में क्या होगा मैं नहीं जानता इसकी बहुत आवश्यकता है.