
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शुक्रवार को जयपुर के JECC सीतापुरा में राजीविका की ओर से आयोजित ‘सखी सम्मेलन' का शुभारंभ किया. इस दौरान मुख्यमंत्री ने राजीविका से जुड़ी महिलाओं के लिए कृषि एवं गैर कृषि क्षेत्र में 1000 करोड़ रुपए का बिना ब्याज के ऋण देने और 2.5 फीसदी की जगह शून्य फीसदी की ब्याज दर पर स्कूटी खरीदने की सुविधा जैसी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की.
‘सखी सम्मेलन' को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि राजीविका जैसे कार्यक्रमों से महिलाओं का सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण हो रहा है. उन्होंने कहा कि उनके पहले कार्यकाल में अजमेर जिले से स्वयं सहायता समूहों की शुरूआत की गई थी और वह प्रयास इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में वृहद रूप में सबके सामने है.
सखी सम्मलेन में की गईं अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएं-
- राजीविका कैडर से जुड़ी महिलाओं के मानदेय में 15 फीसदी बढ़ोतरी.
- उड़ान योजना के अंतर्गत सेनिटरी नैपकिन की पूरी सप्लाई व विनिर्माण कार्य चरणबद्ध रूप से राजीविका को सौंपा जाएगा.
- इंदिरा रसोई योजना-ग्रामीण के अंतर्गत 1000 रसोईयों का संचालन व प्रबंधन राजीविका स्वयं सहायता समूहों द्वारा किया जाएगा.
उन्होंने आगे कहा, राजीविका से जुड़कर महिलाएं विभिन्न प्रकार के उद्यमों एवं नवाचारों में भाग ले रही है, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा है. उन्हें अपनी क्षमताओं एवं संविधान प्रदत्त अधिकारों की पहचान हुई है। सहकारिता की भावना से कार्य करते हुए राजीविका समूहों से जुड़ी महिलाएं आज प्रदेश के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं.
इस दौरान सीएम गहलोत ने उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं क्रमशः चुरू की भंवरी, चितौड़ की कविता, चुरू की सुलोचना गोदारा, बारां की एकता, अलवर की रेखा, झुंझुनु की प्रेम लता से सीधा संवाद किया. मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2030 तक राजस्थान को देश का अग्रणी राज्य बनाना उनका ध्येय है। इसमें राजीविका से जुड़ी महिलाओं की भूमिका भी महत्वपूर्ण रहेगी.
मुख्यमंत्री ने सखी सम्मेलन के कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं को 381 करोड़ रुपए के चेक वितरित किए। कार्यक्रम में मुख्य सचिव उषा शर्मा, मंत्री रमेश मीणा, प्रमुख शासन सचिव अभय कुमार, शासन सचिव रवि जैन, IAS कुंजी लाल मीणा सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।