Rajasthan News: राजस्थान में मेवाड़ के प्रसिद्ध कृष्णधाम श्री सांवलिया सेठ के दरबार में आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा कि दान की सभी सीमाएं टूट गईं. हाल ही में खोले गए मासिक भंडार से 40 करोड़ 81 लाख रुपए से अधिक की रिकॉर्ड तोड़ दानराशि प्राप्त हुई है. यह आंकड़ा न केवल भक्तों के अटूट विश्वास को दर्शाता है, बल्कि मंदिर के इतिहास में एक नया कीर्तिमान भी बन गया है.
सात चरणों में हुई गिनती
गत 14 जून को भंडार खोले जाने के बाद शुरू हुई गणना का कार्य बेहद चुनौतीपूर्ण और पारदर्शी रहा. मंदिर मंडल के अधिकारियों की देखरेख में लगभग 180 कार्मिकों ने दिन-रात मेहनत कर यह गणना पूरी की. सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में संपन्न हुई इस प्रक्रिया में सात चरणों के दौरान 33 करोड़ 15 लाख रुपए से अधिक केवल दानपेटी से निकले. इसके अतिरिक्त ऑनलाइन, मनीऑर्डर और भेंटकक्ष के माध्यम से 7 करोड़ 66 लाख रुपए से अधिक की राशि प्राप्त हुई.
सोने-चांदी और विदेशी मुद्रा का चढ़ावा
सांवलिया सेठ के प्रति भक्तों की दीवानगी सिर्फ भारतीय मुद्रा तक ही सीमित नहीं है. भंडार से एक किलो 738 ग्राम सोना और 110 किलो 648 ग्राम चांदी भी प्राप्त हुई है. यही नहीं, सांवलिया सरकार के प्रति आस्था सात समंदर पार भी है, जिसके चलते दान में 25 से 30 देशों की विदेशी मुद्रा भी मिली है.
व्यवसाय में पार्टनर हैं सांवलिया सरकार
वहीं यहां की सबसे अनोखी मान्यता यह है कि भक्त सांवलिया सरकार को अपने व्यापार में साझीदार मानते हैं. व्यवसायी अपने मुनाफे का एक निश्चित हिस्सा भगवान को समर्पित करते हैं. मान्यता है कि सांवलिया सेठ को पार्टनर बनाने से व्यापार में दिन दोगुनी और रात चौगुनी तरक्की होती है. इसी अटूट विश्वास के कारण देश-विदेश से भक्त यहां पहुंचकर अपनी श्रद्धा अर्पित करते हैं.
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