इन दिनों सवाई माधोपुर जिले में चीते की दहशत है. रणथंभौर में मूवमेंट के बाद KP2 ने अब रिहायशी इलाकों में भी दस्तक दे दी है. इसकी एंट्री से सवाई माधोपुर में अफरा-तफरी मच गई. श्याम वाटिका, जीनापुर और हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी क्षेत्र में उसकी मौजूदगी से स्थानीय लोगों में डर का माहौल बन गया है. जानकारी के अनुसार, चीता KP2 का मूवमेंट पहले रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान के जोन-9 में था. लेकिन अनुमान लगाया जा रहा है कि बाघ, बाघिन और पैंथर के दबाव के चलते यह चीता जंगल से निकलकर आबादी क्षेत्र की ओर आ गया. इससे पहले यह कूनो राष्ट्रीय उद्यान से रणथंभौर पहुंचा था.
वन विभाग ने की इलाके की घेराबंदी
रविवार को जब लोगों ने श्याम वाटिका और जीनापुर के बीच खेतों में चीते को घूमते देखा तो तुरंत वन विभाग को सूचना दी गई. सूचना मिलते ही विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पूरे इलाके की घेराबंदी शुरू कर दी गई. फिलहाल वनकर्मी लगातार चीते की ट्रैकिंग और मॉनिटरिंग में जुटे हुए हैं. वन विभाग द्वारा ड्रोन कैमरे और आधुनिक उपकरणों की मदद से चीते की लोकेशन पर नजर रखी जा रही है. अधिकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि चीते को बिना किसी जनहानि के सुरक्षित पकड़कर उसके प्राकृतिक आवास में वापस छोड़ा जाए.
स्थानीय लोगों को सावधानी बरतने की अपील
रिहायशी इलाके में चीते के आने से स्थिति संवेदनशील बनी हुई है, क्योंकि यहां लोगों की आवाजाही लगातार रहती है. वन प्रशासन ने स्थानीय लोगों से घरों में रहने, सतर्कता बरतने और किसी भी तरह की अफवाहों से दूर रहने की अपील की है. विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं.
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