
Kartikey Chouhan Wedding: मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान अपने बेटे कार्तिकेय की शादी राजस्थान के जोधपुर से कर रहे हैं. इसके लिए उनका पूरा परिवार जोधपुर पहुंच गया है. कार्तिकेय की शादी जोधपुर के उम्मेद भवन पैलेस में गुरुवार (6 मार्च) को होगी. शादी के माहौल में पूरे परिवार में उत्साह है. हालांकि कार्तिकेय की शादी के चर्चा के बीच उनका एक फेसबुक पोस्ट काफी वायरल हो रहा है जो उन्होंने अपने पिता के जन्मदिन पर लिखा है. शिवराज सिंह चौहान का जन्मदिन कार्तिकेय की शादी से ठीक एक दिन पहले 5 मार्च को है. इसी मौके पर कार्तिकेय ने अपने पिता शिवराज सिंह चौहान के लिए एक भावुक पोस्ट लिखा है.
इस पोस्ट में कार्तिकेय ने अपने पिता की जीवन यात्रा का उल्लेख किया है. इसके साथ ही उन्होंने इसमें अपने बचपन की एक फोटो भी पोस्ट की है जिसमें वह पिता शिवराज सिंह चौहान और छोटे भाई कुणाल के साथ दिख रहे हैं.
कार्तिकेय ने लिखा पिता के लिए भावुक पोस्ट
कार्तिकेय ने इस पोस्ट में लिखा है कि उनके पिता के जीवन के 66 वर्षों की यात्रा केवल समय का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि एक महान उद्देश्य की कहानी है. उन्होंने लिखा," आपने जैत की गलियों से निकलकर राजनीति के शीर्ष तक का सफर तय किया, लेकिन यह सिर्फ एक राजनीतिक यात्रा नहीं थी यह संघर्ष, तपस्या, और राष्ट्र सेवा का अभूतपूर्व उदाहरण भी है.ठ
कार्तिकेय ने लिखा कि जनसेवा के मार्ग पर जाने पर समयाभाव के बावजूद उनके पिता ने परिवार का ध्यान रखा. उन्होंने लिखा," सार्वजनिक जीवन आसान नहीं होता. जब कोई पूरे देश और प्रदेश की जिम्मेदारी अपने कंधों पर होती है तो तो कई बार अपने परिवार को पर्याप्त समय देना संभव नहीं हो पाता. लेकिन आप अपवाद रहे-आपने न केवल प्रदेश को एक परिवार की तरह संभाला, बल्कि अपने छोटे से परिवार को भी उसी आत्मीयता और संस्कारों से सींचा."
कार्तिकेय ने लिखा कि उन्हें अपने पिता से विरासत में बहुत कुछ मिला है. उन्होंने लिखा,"लोग सोचते हैं कि मुझे विरासत में आपसे राजनीति मिली है, लेकिन वे नहीं जानते कि आपकी सबसे अनमोल धरोहर राजनीति नहीं, बल्कि संस्कार, सादगी, संघर्ष, सहृदयता, संवेदना, साहस, समर्पण और सहजता हैं. यही मेरी सबसे बड़ी पूंजी है, यही मेरा असली धन है. आपने हमें यह सिखाया कि जीवन केवल भौतिक सुखों के लिए नहीं, बल्कि एक बड़े उद्देश्य के लिए होना चाहिए. जीवन का सार केवल कमाना और भोगना नहीं, बल्कि सेवा, त्याग और परोपकार में निहित है."
कार्तिकेय ने लिखा कि उनके पिता ने जीवन में चाहे कितनी भी ऊंचाइयों को छुआ हो, लेकिन सादगी और विनम्रता कभी नहीं छोड़ी. उन्होंने लिखा,"आपकी सादगी ही आपकी असली पहचान है. आपने हमें कभी विलासिता की ओर नहीं मोड़ा, बल्कि हमेशा यह सिखाया कि असली धन सच्चाई, मेहनत और ईमानदारी में है...आज, जब मैं आपके जीवन को देखता हूं, तो गर्व से कह सकता हूं कि मैं एक ऐसे पिता का पुत्र हूं, जो केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक विचारधारा हैं. आपकी हर सीख, हर अनुभव मेरे लिए एक अनमोल धरोहर है. आपने हमें यह सिखाया कि जीवन का असली सुख सेवा में है, त्याग में है, और परोपकार में है."
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