Sikar Corruption News: राजस्थान के सीकर जिले के श्रीमाधोपुर उपखंड से भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितता की एक बड़ी खबर सामने आ रही है. अरनिया ग्राम पंचायत स्थित 'ग्राम सेवा सहकारी समिति' में लाखों रुपये के गबन का सनसनीखेज खुलासा हुआ है. समिति के पूर्व व्यवस्थापक पर पद का दुरुपयोग करते हुए करीब 28.73 लाख रुपये की धांधली करने के गंभीर आरोप लगे हैं. मामले की गंभीरता को देखते हुए श्रीमाधोपुर थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच की एएसआई गिरधारी लाल को सौंपी है.
वेतन और एरियर के नाम पर सरकारी खजाने में सेंध
समिति के अध्यक्ष हरलाल सिंह यादव के जरिए पुलिस को सौंपी गई रिपोर्ट के अनुसार, पूर्व व्यवस्थापक प्रहलाद मल जाट ने अपने कार्यकाल के दौरान नियमों को ताक पर रखकर भारी गड़बड़ियां कीं। आरोप है कि उन्होंने एरियर, वेतन और ग्रेच्युटी के नाम पर अलग-अलग समय में बड़ी राशियों का गबन किया. जिसके तहत अक्टूबर 2007 से जनवरी 2016 में करीब 11 लाख 69 हजार 781 रुपये का अवैध एरियर उठाया गया. इसके बाद फरवरी 2016 से जुलाई 2021में नियमों के विरुद्ध 12 लाख 65 हजार 507 रुपये की निकासी की गई. इसके अलावा अधिक वेतन और ग्रेच्युटी के नाम पर भी 4 लाख 37 हजार 916 रुपये का दुरुपयोग हुआ. कुल मिलाकर यह आंकड़ा 28,73,204 रुपये तक जा पहुंचा है, जिसका उपयोग निजी लाभ के लिए किया गया.
जांच रिपोर्ट में पहले ही पाए जा चुके हैं दोषी
इस मामले में केवल आरोप ही नहीं, बल्कि विभागीय जांच के जरिए एक्टठा किए गए सबूत भी शामिल हैं. सहकारी समितियां सीकर के उप रजिस्ट्रार ने 18 जुलाई 2025 को एक आदेश जारी किया था, जिसमें आरोपी प्रहलाद मल जाट को इस राशि के गबन के लिए स्पष्ट रूप से दोषी ठहराया जा चुका है. इसी रिपोर्ट के आधार पर अब पुलिस कार्रवाई शुरू की गई है.
जांच में जुटी पुलिस
श्रीमाधोपुर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. जांच अधिकारी एएसआई गिरधारी लाल का कहना है कि पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस घोटाले में और भी अधिकारियों या कर्मचारियों की मिलीभगत है.
किसानों के हक के पैसे का दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं
वही मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए ग्राम सेवा सहकारी समिति अरनिया के अध्यक्ष हरलाल सिंह यादव*और संचालक मंडल के सदस्य बनवारी लाल यादव ने साफ किया कि किसानों के हक के पैसे का इस तरह दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और वे आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग करते हैं.