Rajasthan News: दक्षिण अफ्रीका सरकार के वानिकी, मत्स्य पालन एवं पर्यावरण विभाग के उप मंत्री नरेंद्र सिंह ने मंगलवार (2 जून) को रणथम्भौर टाइगर रिजर्व का भ्रमण किया. इस अवसर पर राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTC) के निरीक्षक जनरल (IG) संजयन कुमार तथा रणथम्भौर टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर शारदा प्रताप सिंह भी उपस्थित रहे. भ्रमण के दौरान उप मंत्री ने रणथम्भौर टाइगर रिजर्व की समृद्ध जैव विविधता, वन्यजीव संरक्षण प्रबंधन तथा बाघ संरक्षण से संबंधित विभिन्न पहलुओं की जानकारी ली.
बाघ टी-101 और बाघिन टी-124 का हुआ दीदार
उप मंत्री ने साथ ही रणथम्भौर में संचालित संरक्षण गतिविधियों, समुदाय सहभागिता, वन्यजीव निगरानी व्यवस्था तथा आवास प्रबंधन कार्यों में विशेष रुचि दिखाई. रणथंभौर नेशनल पार्क के डीएफओ प्रथम मानस सिंह ने बताया कि रणथंभौर सफारी के दौरान प्रतिनिधिमंडल को रणथम्भौर के खेमचा कुंड क्षेत्र में प्रसिद्ध बाघ टी-101 तथा मलिक एनिकट क्षेत्र में बाघिन टी-124 के दीदार हुए.
नरेंद्र सिंह हुए बाघों के संरक्षण से प्रभावित
प्राकृतिक आवास में बाघों के सहज व्यवहार एवं उनकी सक्रिय मौजूदगी ने अतिथियों को खासा प्रभावित किया. इस दौरान उप मंत्री ने रणथम्भौर में बाघ संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए इसे वैश्विक स्तर पर वन्यजीव संरक्षण का एक उत्कृष्ट उदाहरण बताया.
अफ्रीका के उप मंत्री का भ्रमण माना जा रहा महत्वपूर्ण
पार्क भ्रमण के दौरान वनाधिकारियों ने रणथम्भौर टाइगर रिजर्व में बाघों की बढ़ती संख्या, उनके आवास संरक्षण, आधुनिक निगरानी तकनीकों के उपयोग तथा मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व को प्रोत्साहित करने के लिए किए जा रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी भी दी. यह भ्रमण भारत एवं दक्षिण अफ्रीका के मध्य वन्यजीव संरक्षण, जैव विविधता संरक्षण तथा पर्यावरणीय प्रबंधन के क्षेत्र में ज्ञान एवं अनुभवों के आदान-प्रदान और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
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