थार के रेगिस्तान में आंधी-तूफान और बारिश का तांडव देखने को मिला. रविवार शाम करीब 7 बजे से रात 9:30 बजे तक जैसलमेर शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में आंधी-तूफान और बारिश से विद्युत तंत्र बुरी तरह प्रभावित हो गया. जिले में 1500 से अधिक बिजली के पोल गिर गए, जिसकी वजह से बिजली की सप्लाई बाधित हो गई.
बढ़ सकता है नुकसान का आंकड़ा
जोधपुर डिस्कॉम के अधीक्षण अभियंता, जैसलमेर, भैराराम चौधरी ने टीमें बनाकर काम शुरू कर दिया है. NDTV से भैराराम चौधरी ने बताया कि आंधी-तूफान के कारण जिले भर में करीब 1500 बिजली के पोल धराशायी हो गए हैं. विभाग को आशंका है कि जैसे-जैसे ग्रामीण और दूर-दराज के इलाकों से रिपोर्ट आएगी, मलबे और नुकसान का यह आंकड़ा और भी बढ़ सकता है.

तूफान में गिरे बिजली के पोल.
96 सब-स्टेशन पूरी तरह से बंद
आंधी का सबसे बड़ा असर जिले के सब-स्टेशनों पर पड़ा है. जिले के कुल 130 सब-स्टेशनों में से ग्रामीण क्षेत्रों के 96 सब-स्टेशन पूरी तरह बंद हो गए हैं. स्थिति इतनी विकराल है कि कोठरी और सुख सिंह नगर स्थित दो सब-स्टेशन पूरी तरह जमींदोज हो गए. इसके अलावा, 11 KV के कुल 884 फीडरों में से 556 फीडर ठप पड़े हैं, जिससे सैकड़ों गांवों में पूरी तरह से अंधेरा छा गया है.
3 बड़े टावर गिर गए
प्रसारण निगम को भी इस तूफान में भारी क्षति पहुंची है. 132 KV हाई-टेंशन लाइन के 3 बड़े टावर थईयात और लाठी क्षेत्र में गिर गए हैं. इन टावरों के जमींदोज होने से चांधन और मोहनगढ़ क्षेत्र की बिजली आपूर्ति पूरी तरह से ठप हो गई है. प्रभावित इलाकों में वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए बिजली की बहाली के लिए डिस्कॉम और प्रसारण निगम की टीमें युद्ध स्तर पर प्रयास कर रही है.
शाम तक बहार होगी बिजली
अधीक्षण अभियंता भैराराम चौधरी ने बताया कि विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता सुरक्षा सुनिश्चित करना और जल्द से जल्द बिजली बहाल करना है. सुरक्षा के मद्देनजर, लाइनों को सीधे चालू करने के बजाय टीम बारीकी से पेट्रोलिंग कर रही है, जिससे किसी भी तरह के हादसे से बचा जा सके. डिस्कॉम की टीमें फील्ड में मुस्तैद है. अगर मौसम साफ रहता है और काम में कोई बड़ी बाधा नहीं आती है, तो आज शाम तक प्रभावित क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था को काफी हद तक सुचारू कर दिया जाएगा.
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