राजस्थान में जयपुर में ACB ने मैनपावर एंड सिक्योरिटी सर्विसेज' के प्रोपराइटर को 40,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है. आरोपी प्लेसमेंट एजेंसी का संचालक है और संविदा कर्मचारियों के वेतन व पीएफ प्रबंधन का काम देखता है. उसने एक महिला से उसके यू एन नंबर को लिंक करने के एवज में रिश्वत की मांग की थी.
संविदा पर काम कर रही थी महिला
ACB के महानिदेशक गोविन्द गुप्ता ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि एक महिला संविदा कर्मी ने एसीबी में आरोपी अनिल कुमार के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत के अनुसार, राज्य सरकार के CMHO से मिले टेंडर के तहत प्लेसमेंट एजेंसी ने डॉक्टर, एएनएम, जीएनएम और सफाई कर्मचारियों की संविदा पर नियुक्ति की थी. इसी के तहत महिला को चाकसू के 'आयुष्मान आरोग्य मंदिर गरुड़वासी' में संविदा पर तैनात किया गया था. पीएफ और ईएसआई की कटौती के बाद उसे हर महीने 6,300 रुपये का भुगतान किया जा रहा था.
UAN और PF लिंक करने के नाम पर मांगी 50 हजार की घूस
महिला ने प्रोपराइटर अनिल कुमार पर आरोप लगाया कि उसने यूएएन (UAN) नंबर, पीएफ और ईएसआई को उसकी एम्प्लॉई आईडी/सर्विस से जोड़ने (लिंक करने) के एवज में 50,000 रुपये की रिश्वत मांग की . जिसके लिए वह उसे लगातार परेशान कर रहा था. इससे तंग होकर पीड़िता ने ACB में आरोपी के खिलाफ शिकायत दी.
सत्यापन के दौरान आरोपी को हो गया था शक
एसीबी ने कार्रवाई से पहले जब 21 मई को शिकायत का सत्यापन किया, तो आरोपी अनिल कुमार 40,000 रुपये लेने पर सहमत हो गया. सत्यापन के दौरान ही उसने सह-परिवादी से 5,000 रुपये एडवांस भी ले लिए. लेकिन तभी आरोपी को किसी बात पर शक हो गाया और उसने वह पैसे वापस लौटाते हुए कहा कि वह पूरी राशि एक साथ ही लेगा.
ACB ने बिछाया जाल, रंगे हाथों दबोचा
आरोपी के चालाकी दिखाने के बावजूद एसीबी की टीम मुस्तैद रही। उपमहानिरीक्षक पुलिस (DIG) डॉ. रामेश्वर सिंह के सुपरविजन और एसयू-प्रथम चौकी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) प्रशांत कौशिक के नेतृत्व में शुक्रवार को ट्रैप की कार्रवाई की गई. जैसे ही आरोपी अनिल कुमार ने महिला के साथी से 40,000 रुपये की रिश्वत राशि अपने हाथ में ली, पहले से तैयार एसीबी की टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया.