राजस्थान में कृषि विभाग में भ्रष्टाचार और लापरवाही के आरोप में कृषि विभाग के तीन अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है. ये तीन अधिकारी हैं - संदीप कुमार, रजनीश कुमार और विशाल कुमार. इन अधिकारियों के निलंबन का आदेश कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने जारी किया. इसमें कहा गया है कि इन तीनों अधिकारियों के खिलाफ विभिन्न मामलों में जांच लंबित है. तीनों अधिकारियों के निलंबन का आदेश सामने आने के बाद राजस्थान की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने प्रदेश के कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा को आड़े हाथों लिया है. कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कृषि मंत्री को उन्हीं के एक पुराने पोस्ट की याद दिलाई है. किरोड़ी लाल मीणा ने 6 जून को एक पोस्ट में दावा किया था कि यदि भ्रष्टाचार का एक भी आरोप सिद्ध हो जाए तो वे पद छोड़ देंगे.
क्यों किया गया निलंबन?
कृषि विभाग के तीन अधिकारियों के खिलाफ राजस्थान सरकार के कृषि आयुक्तालय ने कार्रवाई की है. इन अधिकारियों को भ्रष्टाचार, अनैतिक कार्यों, जनता के साथ अभद्र व्यवहार और राजकीय कार्यों में घोर लापरवाही (अकर्मण्यता) के आरोपों में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है.
जिन अधिकारियों को निलंबित किया गया है उनके नाम और वर्तमान पद इस प्रकार हैं. संदीप कुमार, कृषि पर्यवेक्षक, मुख्यालय भारेवाला (कार्यालय जिला विस्तार अधिकारी, सी.ए.डी. आई.जी.एन.पी., बीकमपुर). रजनीश कुमार, वरिष्ठ कृषि पर्यवेक्षक, मुख्यालय राववाला (कार्यालय जिला विस्तार अधिकारी, सी.ए.डी. आई.जी.एन.पी., बज्जू). विशाल कुमार, सहायक कृषि अधिकारी, मु० बगीचा (कार्यालय सहायक निदेशक कृषि (विस्तार), रायसिंहनगर).
निलंबन अवधि में तीनों अधिकारियों के मुख्यालय बदल दिए गए हैं. इस दौरान उन्हें जयपुर में रहना होगा और वे बिना अनुमति के बाहर नहीं जा सकेंगे.
कांग्रेस ने कहा किरोड़ी लाल मीणा ने किया था बचाव
राजस्थान कांग्रेस ने कृषि विभाग के कथित खाद-बीज रिश्वतकांड को लेकर कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा पर निशाना साधा है. कांग्रेस ने अपने आधिकारिक X हैंडल पर जारी बयान में दावा किया कि कृषि विभाग ने संदीप और रजनीश सहित तीन लोगों को भ्रष्टाचार के आरोप में निलंबित कर दिया है.
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि यही संदीप और रजनीश वे लोग हैं जिनके बचाव में कृषि मंत्री ने पहले कहा था कि यदि भ्रष्टाचार का एक भी आरोप सिद्ध हो जाए तो वे पद छोड़ देंगे. पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि सीकर में दोनों कृषि मंत्री के OSD बनकर अवैध उगाही कर रहे थे और उस समय मंत्री ने उनका सार्वजनिक रूप से बचाव किया था.
आखिरकार.. कृषि विभाग ने खाद-बीज रिश्वतकांड में संदीप और रजनीश समेत 3 लोगों को भ्रष्टाचार के आरोप में निलंबित कर दिया।
— Rajasthan PCC (@INCRajasthan) July 6, 2026
ये वही संदीप और रजनीश हैं.. जिनके बचाव में कृषि मंत्री किरोड़ी लाल ने कहा था.. "यदि भ्रष्टाचार का एक भी आरोप सिद्ध हो जाए तो पद छोड़ दूंगा"
ये वही संदीप और… pic.twitter.com/TdorCSxjA1
कांग्रेस ने अपने बयान में कहा कि कृषि मंत्री की “डिकॉय टीम” से जुड़े जुगल किशोर की पहले ही करोड़ों रुपये के साथ गिरफ्तारी हो चुकी है. पार्टी ने यह भी सवाल उठाया कि केंद्रीय गृह मंत्री से कृषि मंत्री की मुलाकात के बाद संदीप और रजनीश के निलंबन का आदेश क्या संदेश देता है. कांग्रेस ने कृषि विभाग की पूरी डिकॉय टीम की निष्पक्ष जांच, कॉल डिटेल, आर्थिक लेन-देन और कथित छापेमारियों के दौरान हुई उगाही की जांच कराने की मांग की है. पार्टी का कहना है कि जनता यह जानना चाहती है कि यह मामला कुछ व्यक्तियों तक सीमित था या इसमें व्यापक स्तर पर अन्य लोग भी शामिल थे.
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