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This Article is From Feb 17, 2026

टीकाराम जूली ने बजट के किन मुद्दों पर सरकार को घेरा, शिक्षा-स्वास्थ्य पर कम बजट से लेकर ERCP पर पूछा सवाल

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने बजट पर अपनी राय और सुझाव रखे. जिसमें सरकार को कई मुद्दों पर घेरते हुए दिखे. टीकाराम जूली ने सरकार पर कृषि, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे अहम सेक्टरों का बजट घटाने का आरोप लगाया.

टीकाराम जूली ने बजट के किन मुद्दों पर सरकार को घेरा, शिक्षा-स्वास्थ्य पर कम बजट से लेकर ERCP पर पूछा सवाल
टीकाराम जूली

Tikaram Jully in Assembly: राजस्थान विधानसभा में बजट को लेकर सियासी तकरार देखने को मिली. मंगलवार (17 फरवरी) को दिन में खूब हंगामा हुआ. जिसके बाद शाम 5 बजे तक सदन को स्थगित कर दिया. वहीं सदन शुरू होने के बाद नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने बजट पर अपनी राय और सुझाव रखे. जिसमें सरकार को कई मुद्दों पर घेरते हुए दिखे. सदन में विपक्ष की ओर से बोलते हुए नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार पर कृषि, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे अहम सेक्टरों का बजट घटाने का आरोप लगाया. साथ ही कहा कि पूरे बजट में केवल आंकड़ों के मकरजाल के अलावा कुछ भी नहीं है. न रोजगार है और न ही नई ठोस योजना केवल जनता को ठगने के लिए बजट पेश किया गया है.

कृषि, शिक्षा और स्वास्थ्य के बजट मानकर दी कटौती!

जूली ने कहा कि सरकार ने कृषि का बजट कम किया, लेकिन संतुलन दिखाने के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य का बजट भी काट दिया. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि स्कूलों की हालत पहले से ही खराब है, कई भवन जर्जर हैं, फिर भी मरम्मत के नाम पर “ऊंट के मुंह में जीरा” जितना बजट दिया गया. उनका दावा है कि हाईकोर्ट पहले ही सरकार को फटकार लगा चुका है. सरकार ने अदालत में कहा था कि स्कूलों की मरम्मत के लिए 20 हजार करोड़ रुपये चाहिए, लेकिन बजट में सिर्फ 500 करोड़ ही दिए गए. साथ ही शिक्षा विभाग में करीब डेढ़ लाख पद खाली पड़े होने की बात भी उन्होंने उठाई.

मुख्यमंत्री ने बड़ी घोषणाएं अपने जवाब के लिए बचाकर रख ली - जूली

नौकरियों को लेकर भी जूली ने सरकार को घेरा. उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की वेतन विसंगतियां दूर करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. चार लाख भर्तियों की जरूरत बताई गई थी, लेकिन बजट में इसका जिक्र तक नहीं किया गया. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि लगता है मुख्यमंत्री ने बड़ी घोषणाएं अपने जवाब के लिए बचाकर रख ली हैं. साथ ही उन्होंने सीएम और डिप्टी सीएम के बीच तालमेल पर भी सवाल खड़े किए. योजनाओं को लेकर भी जूली ने सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने पूछा कि जल जीवन मिशन के तहत इस साल राजस्थान को केंद्र से कितना पैसा मिला, इसका साफ जवाब क्यों नहीं दिया जा रहा. उन्होंने मिशन में घोटाले के आरोपों और लंबी जांच पर भी सवाल उठाए और पूछा कि जनता को आखिर मिला क्या?

कहां गई ERCP और रिफाइनरी?

इसके अलावा ईआरसीपी और रिफाइनरी परियोजना की प्रगति पर भी उन्होंने जवाब मांगा. जूली ने कहा कि अगस्त में रिफाइनरी उद्घाटन की बात कही गई थी, लेकिन यह साफ नहीं है कि किस अगस्त की बात हो रही है. अंत में उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि योजनाओं के नाम इतने भी मत बदलिए कि मंत्रियों को भी याद न रहें.

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने  बजट को “थोथी घोषणाओं का पुलिंदा” बताते हुए कहा कि इसमें जमीनी स्तर पर कोई ठोस प्रावधान नजर नहीं आता. उन्होंने 5 साल बनाम 2 साल के मुकाबले को भी “हवाई बातें” करार दिया.

शायराना अंदाज में तंज

जूली ने अपने भाषण में शायरी का सहारा लेते हुए कहा, “तुम जहां सिफारिश से पहुंचे हो, वहां हम चलकर आए हैं.” उन्होंने बजट को अब तक का सबसे नीरस बजट बताते हुए तंज कसा कि जब बजट पेश हो रहा था, तब कई मंत्री सदन में ऊंघते नजर आए.

जूली ने कहा कि “बजट” फ्रेंच भाषा का शब्द है, जिसका अर्थ चमड़े का थैला होता है, लेकिन सरकार ने तो “थेले का रंग भी भगवा कर दिया.” इस पर मंत्री सुरेश रावत ने टोका तो जूली ने कहा—“हमें कोई परेशानी नहीं.”

उन्होंने चुटकी लेते हुए यह भी कहा कि वित्त मंत्री को बजट का थैला सुबह 9:30 बजे ही मिला, ताकि वे उसका ठीक से अध्ययन न कर सकें.

लिंगभेदी टिप्पणी पर नाराजगी

जूली ने बीजेपी विधायक बहादुर सिंह कोली की कथित लिंगभेदी टिप्पणियों पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि बेटा-बेटी में भेदभाव जैसी बातें करना शर्मनाक है. “मेरी भी दो बेटियां हैं, एक बेटी को कल ही विदा करके आया हूं. आज के दौर में भी ऐसी सोच रखना दुर्भाग्यपूर्ण है.

‘लखपति दीदी' योजना पर सवाल

जूली ने महिलाओं के खातों में आर्थिक सहायता को लेकर भी सरकार को घेरा. उन्होंने कहा कि चुनावी राज्यों में महिलाओं के खातों में पैसा डाला जा रहा है, लेकिन राजस्थान की महिलाओं को क्यों नहीं?
उन्होंने लखपति दीदी योजना का जिक्र करते हुए पूछा—“बिना एक लाख रुपये दिए किसी को लखपति कैसे बना रहे हो? अगर किसी के खाते में पैसा डाला हो तो बताएं.” उन्होंने तंज कसा कि क्या पैसा सिर्फ चुनाव आने पर ही डाला जाएगा?

625 रुपए में दो ड्रेस?

शिक्षा के मुद्दे पर जूली ने कहा कि 625 रुपये में स्कूली बच्चों की दो यूनिफॉर्म सिलवाने का दावा किया जा रहा है. उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि शिक्षा मंत्री खुद 625 रुपये में दो ड्रेस सिलवाकर दिखाएं. जूली ने तंज कसते हुए कहा कि वह राम कथा में व्यस्त है इसलिए उनके विभाग का बजट कम कर दिया गया है.

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