मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि तीर्थराज पुष्कर को नया स्वरूप देते हुए इसकी दिव्यता और भव्यता को और अधिक निखारा जाएगा. राज्य सरकार पौराणिक विरासत को सहेजते हुए इसे विश्वस्तरीय तीर्थाटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए संकल्पित है. मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री कार्यालय में पुष्कर के विकास की कार्ययोजना को लेकर आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे.
पुष्कर का विशेष धार्मिक महत्व
उन्होंने कहा कि पुष्कर का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है, और इसके समग्र विकास के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है, जिससे आने वाली पीढ़ियों का संस्कृति से जुड़ाव मजबूत हो, और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिले.
मंदिरों का होगा सुंदरीकरण
बैठक में पुष्कर सरोवर के घाटों पर सुविधाओं के विस्तार, मंदिरों और परिक्रमा मार्गों के सौंदर्यीकरण, भव्य एंट्री प्लाजा और सड़कों के निर्माण को लेकर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया. पुष्कर से आए साधु, महंत और स्थानीय नागरिकों ने विकास योजना पर अपने सुझाव दिए, और मुख्यमंत्री का आभार जताया. इस दौरान मुख्यमंत्री ने साधु-महंतों का दुपट्टा ओढ़ाकर अभिनंदन भी किया.
बैठक में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी, जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत, राजस्थान धरोहर प्राधिकरण के अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित अन्य अधिकारी और पुष्कर से आए साधु-महंत एवं स्थानीय नागरिक मौजूद रहे.
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