Udaipur News: राजस्थान की उदयपुर पुलिस ने फिल्मी स्टाइल में कार्रवाई करते हुए एक शातिर लूट के आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो पिछले 22 सालों से पुलिस को बेवकूफ बना रहा था. शहर की गोवर्धन विलास थाना पुलिस ने लूट के मामले में इस अपराधी को मध्य प्रदेश के देवास जिले के टोंक खुर्द इलाके से गिरफ्तार किया है.
2004 में कपड़ों से भरा कंटेनर था लूटा
इस कार्रवाई की खास बात यह थी कि पुलिस ने शातिर अपराधी को पकड़ने के लिए साधुओं का भेष धारण किया. इस मामले में पुलिस ने बताया कि मामला साल 2004 का है. उदयपुर में एक कंटेनर लूट की घटना हुई थी. इसमें 10-12 बदमाशों ने मिलकर कपड़ों से भरा कंटेनर लूटा था. ड्राइवर और हेल्पर को बांधकर उनकी आंखों पर पट्टी बांध दी गई थी और उन्हें मक्के के खेत में फेंक दिया गया था.
एसपी ने इनाम बढ़ाकर 10,000 रुपये किया
इसके बाद से पुलिस लगातार आरोपी की तलाश कर रही थी. जैसे ही पुलिस आरोपी को पकड़ने के लिए गांव में दबिश देती, वह मौके से फरार हो जाता. एसपी अमृता दुहन के निर्देश पर जिले में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस ने डकैत के पुराने केस की फाइल खोली और आरोपी पर इनाम बढ़ाकर 10,000 रुपये कर दिया.
साधु का भेष बदलकर डकैत को दिया चकमा
इसके बाद आरोपी के बारे में जानकारी इकट्ठा की गई. जिसमें पता चला कि आरोपी MP में है. इस पर ASI मनोहर सिंह के नेतृत्व में हेड कांस्टेबल नरेश कुमार, कांस्टेबल जसवंत सिंह और दिनेश कुमार की टीम ने अपनी स्ट्रैटेजी बदली और देवास के चिड़ावद गांव पहुंच गए और अपनी पहचान छिपाने के लिए साधुओं के वेश में वहां रहने लगे. गांव में ही रहकर टीम ने आरोपी की हर एक्टिविटी पर नजर रखना शुरू कर दिया. जैसे ही आरोपी देवी सिंह अपने खेत के लिए निकला, 'साधुओं' के वेश में आए पुलिसवालों ने मौका पाकर उसे पकड़ लिया.
मामले की गहन जांच में जुटी पुलिस
आरोपी देवी सिंह की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने बताया कि इस मामले में 5 आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है. इसके बाद अब पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है, ताकि गैंग के गिरफ्तार सदस्यों के अलावा दूसरे लोगों को भी गिरफ्तार कर पुरानी घटनाओं के बारे में जानकारी जुटाई जा सके.
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