Delhi new name news: देश में पुनर्गठन की राजनीति का सिलसिला आम होता जा रहा है. जिसके तहत राज्य का नाम बदलने का चलन शुरू हो गया है. मंगलवार (24 फरवरी) को कैबिनेट की बैठक में केरल का नाम बदलकर केरलम किए जाने वाले प्रस्ताव को मंजूरी दी है, जिसके बाद केरल अब केरलम के नाम से जाना जाएगा. इस बदलाव के बाद अब राजधानी दिल्ली के नाम को बदलवाने को लेकर पत्र लिखने की बात सामने आ रही है. जिसे चांदनी चौक से भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह एक औपचारिक पत्र लिखा है जिसमें दिल्ली का नाम बदलकर 'इंद्रप्रस्थ' करने की बात कही है.
सांसद ने पत्र में क्या कहा
सांसद प्रवीण खंडेलवाल अपने औपचारिक पत्र लिखा है कि दिल्ली का वर्तमान नाम एक सीमित ऐतिहासिक कालखंड को दर्शाता है, जबकि 'इंद्रप्रस्थ' नाम इसे अपनी प्राचीन और गौरवशाली जड़ों से दोबारा जोड़ेगा. उन्होंने आगे लिखा है कि दिल्ली केवल एक आधुनिक महानगर नहीं है, बल्कि यह दुनिया की सबसे पुरानी सांस्कृतिक परंपराओं में से एक का केंद्र है,दुनिया की सबसे पुरानी सभ्यताओं में से एक देश की राजधानी होने के नाते, यह सही है कि शहर का नाम इसकी असली ऐतिहासिक जड़ों और सांस्कृतिक विरासत को दिखाए.
सांसद प्रवीण खंडेलवाल का लेटर
BJP MP Praveen Khandelwal writes a letter to Union Home Minister Amit Shah requesting the renaming of Delhi as Indraprastha
— ANI (@ANI) February 25, 2026
"...As such, the name "Delhi" reflects a limited historical period rather than the deeper and more enduring legacy of the city. Restoring the name… pic.twitter.com/meJBqxPS9A
दिल्ली से नहीं दिखती है शहर की पुरानी और असली विरासत
ऐतिहासिक साहित्य, आर्कियोलॉजिकल खोजों और पुरानी सभ्यता की परंपराओं से पता चलता है कि आज की दिल्ली, महाभारत महाकाव्य में बताए गए पांडवों की बनाई बड़ी राजधानी, इंद्रप्रस्थ के पुराने शहर से मिलती-जुलती है. महाकाव्य में इंद्रप्रस्थ को यमुना नदी के किनारे बसा एक शानदार शहर बताया गया है, जो आज की दिल्ली की भौगोलिक स्थिति से बिल्कुल मेल खाता है. दुर्भाग्य से, अभी का नाम दिल्ली शहर की पुरानी और असली विरासत को ठीक से नहीं दिखाता है. दिल्ली नाम शहर की गहरी और ज़्यादा पुरानी विरासत के बजाय एक सीमित ऐतिहासिक समय को दिखाता है. सांसद के अनुसार दिल्ली का नाम 'इंद्रप्रस्थ' करना आधुनिक भारत की राजधानी को उसकी प्राचीन सभ्यतागत नींव से जोड़ने का काम करेगा.
सांस्कृतिक पुनर्जागरण की ओर कदम
वही आगे गृह मंत्रालय को लिखे लेटर में सांसद खंडेलवाल ने केवल शहर ही नहीं, बल्कि पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर 'इंद्रप्रस्थ जंक्शन' और इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम बदलकर 'इंद्रप्रस्थ एयरपोर्ट' करने का भी सुझाव दिया है. सांसद का मानना है कि जिस प्रकार मुंबई, कोलकाता, चेन्नई और प्रयागराज जैसे शहरों ने अपनी प्राचीन पहचान को वापस पाया है, उसी प्रकार दिल्ली को भी उसका असली नाम 'इंद्रप्रस्थ' मिलना चाहिए. यह बदलाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'सांस्कृतिक पुनर्जागरण' के विजन के अनुरूप होगा और आने वाली पीढ़ियों को भारत के गौरवशाली इतिहास, धर्म और नीति आधारित शासन की याद दिलाएगा.
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