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150 साल बाद बाहर निकाली दादा गुरुदेव महाराज की पवित्र चादर, 1.08 करोड़ भक्त पूरे विश्व में कर रहे इकतीसे का पाठ
- Saturday March 7, 2026
- Written by: श्रीकांत व्यास, Edited by: उपेंद्र सिंह
इस यात्रा में 21 सजे घोड़े, 21 ऊंट, 2 हाथी, 20 नासिक ढोल की टीम, कच्ची घोड़ी नृत्य, विशेष रूप से सजाई गई रथ के साथ ही कई प्रांतों से आए लोक कलाकार शामिल हुए.
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Hinglaj Bhawani: पाकिस्तान से पहली बार भारत आई मां हिंगलाज की पवित्र ज्योत, राजस्थान के इस मंदिर में की गई स्थापित
- Friday February 7, 2025
- Written by: विपिन सोलंकी, Edited by: प्रभांशु रंजन
Maa Hinglaj Pakistan: पाकिस्तान में स्थित मां हिंगलाज भवानी के पवित्र ज्योत को पहली बार भारत लाया गया है. इस ज्योत को राजस्थान के एक मंदिर में स्थापित किया गया है.
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राजस्थान के 'प्रीप्लांटरी मॉडल' की सुप्रीम कोर्ट ने की तारीफ, जस्टिस संदीप मेहता बोले- यह एक शानदार पहल है
- Wednesday December 18, 2024
- Written by: आशीष भार्गव, Edited by: पुलकित मित्तल
बेटी होने पर 111 पौधे लगाने वाले 'प्रीप्लांटरी मॉडल' की शुरुआत 16 साल पहले राजसमंद के पिपलांत्री गांव से हुई. इसी परंपरा ने गांव को एक अलग पहचान भी दिलाई.
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Sawan 2024: राजस्थान के इन जिलों में कल से शुरू हुआ सावन का महीना, जानें इसके पीछे की वजह
- Monday August 5, 2024
- Reported by: परवेश जैन, Edited by: अनामिका मिश्रा
Dunagrpur: राजस्थान के डूंगरपुर, बांसवाड़ा और गुजरात के सीमा वाले राजस्थान के जिलों में रविवार (4 अगस्त) हरियाली अमावस्या से सावन महीने की शुरुआत मानी जाती है.यहां पर सावन के 15 दिन बीतने के बाद इसकी शुरुआत होती है.
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राजस्थान के इन दो जिलों में 15 दिन बाद क्यों होती है सावन माह की शुरुआत? जानिए इसके पीछे की वजह
- Monday July 22, 2024
- Written by: Subhash Mehta, Edited by: इकबाल खान
वागड़ अंचल में सावन माह 15 दिन बाद से शुरू होने के पीछे एक मुख्य कारण सूर्य की गति और कर्क रेखा का यहां से गुजरना भी है. शहर के पंडित व ज्योतिष शास्त्रों का ज्ञान रखने वालों के अनुसार गुरु पूर्णिमा तिथि से सूर्य कर्क रेखा में प्रवेश कर जाता है. इसी तिथि से सभी जगह आषाढ़ माह की विदाई और सावन की शुरुआत हो जाती है, लेकिन वागड़ में इस तिथि के बाद आने वाली पहली अमावस्या यानी हरियाली अमावस्या से सावन की शुरुआत मानी जाती है.
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- Saturday March 7, 2026
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- Friday February 7, 2025
- Written by: विपिन सोलंकी, Edited by: प्रभांशु रंजन
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Dunagrpur: राजस्थान के डूंगरपुर, बांसवाड़ा और गुजरात के सीमा वाले राजस्थान के जिलों में रविवार (4 अगस्त) हरियाली अमावस्या से सावन महीने की शुरुआत मानी जाती है.यहां पर सावन के 15 दिन बीतने के बाद इसकी शुरुआत होती है.
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वागड़ अंचल में सावन माह 15 दिन बाद से शुरू होने के पीछे एक मुख्य कारण सूर्य की गति और कर्क रेखा का यहां से गुजरना भी है. शहर के पंडित व ज्योतिष शास्त्रों का ज्ञान रखने वालों के अनुसार गुरु पूर्णिमा तिथि से सूर्य कर्क रेखा में प्रवेश कर जाता है. इसी तिथि से सभी जगह आषाढ़ माह की विदाई और सावन की शुरुआत हो जाती है, लेकिन वागड़ में इस तिथि के बाद आने वाली पहली अमावस्या यानी हरियाली अमावस्या से सावन की शुरुआत मानी जाती है.
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