यह रिपोर्ट बालोतरा (Balotra) के सिधरी कस्बे में आयोजित होने वाले 50 साल पुराने बजरंग पशु मेले की है. यह मेला हर साल सात दिनों तक होता है और पंचायत समिति द्वारा आयोजित किया जाता है. लेकिन इस बार मेले में पशुपालकों की संख्या में कमी देखी जा रही है, जिससे मेले का प्रभाव कम होता जा रहा है. लोनी नदी के किनारे स्थित इस मेले में जहां पहले पशुधन की खरीद-फरोख्त होती थी, अब वहां की स्थिति बदल रही है. रिपोर्ट में यह सवाल उठाया गया है कि पशुपालक क्यों कम हो रहे हैं और क्या मेले में सुविधाओं का विस्तार किया जाना चाहिए.