राजस्थान के बालोतरा जिले के धोरिमन्ना उपखंड से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जो व्यवस्था और समाज दोनों पर सवाल खड़ी करती है। चैनपुरा गांव के रहने वाले भमाराम उर्फ शेराराम पिछले 15 सालों से मानसिक रूप से विक्षिप्त हैं और उनका जीवन लोहे की जंजीरों में कैद होकर रह गया है।