भीलवाड़ा (राजस्थान) में इस साल मानसून की मेहरबानी से मक्के की रिकॉर्ड तोड़ पैदावार हुई है, लेकिन यही 'पीला सोना' अब किसानों के लिए गले की फांस बन गया है। कृषि उपज मंडी में मक्के के ढेर लगे हैं, पर सही दाम और खरीददार नदारद हैं। किसान अपनी लागत (खाद, बीज और मजदूरी) तक नहीं निकाल पा रहे हैं। जहाँ मक्के की खेती पर प्रति बीघा करीब 1700 रुपये का खर्च आ रहा है, वहीं मंडी में यह महज 1700 रुपये प्रति क्विंटल के भाव बिक रहा है।