श्रीगंगानगर की सड़कों पर इन दिनों डर का साया है। यह डर किसी अपराधी का नहीं, बल्कि उन आवारा कुत्तों का है जो राहगीरों के लिए काल बन रहे हैं। समस्या इतनी गंभीर हो चुकी है कि अब शहर दो गुटों में बंट गया है, एक तरफ वो व्यापारी हैं जो कुत्तों से निजात चाहते हैं और दूसरी तरफ डॉग लवर्स जो पशु क्रूरता के खिलाफ खड़े हैं।