Ayatollah Khamenei Death: ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई (Ayatollah Ali Khamenei) की मौत हो गई है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली अधिकारियों के दावों के बाद ईरानी सरकारी मीडिया ने भी इसकी पुष्टि कर दी है. इस घटना के बाद ईरान ने देश में 40 दिनों के शोक और 7 सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की है.
इजरायल ने किया हमला
इजरायल और अमेरिका ने संयुक्त रूप से ईरान पर सैन्य हमला कर दिया. इस हमले में अयातुल्लाह अली खामेनेई मारे गए. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके बताया, यह हमला ईरान की परमाणु क्षमताओं को नष्ट करने के लिए जरूरी था. ईरानी लोगों के पास अपना देश वापस लेने का यह सबसे बड़ा मौका है.
रिपोर्टों के मुताबिक, इजरायल ने खामेनेई के परिसर (Compound) को निशाना बनाया था. 86 वर्षीय खामेनेई 1989 से ईरान की सत्ता के केंद्र थे, और उनकी मौत ने पूरे मध्य पूर्व (Middle East) को युद्ध की कगार पर खड़ा कर दिया है.
Who Is Khamenei? 10 पॉइंट्स में समझें पूरी कहानी
- ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई 86 साल के थे.
- 1963 में जेल की यातनाओं से लेकर क्रांति और युद्ध के दौर तक सक्रिय भूमिका निभाने वाले अली खामेनेई ने खुद को धीरे-धीरे ईरान की राजनीति के केंद्र में स्थापित किया.
- 1979 की इस्लामी क्रांति के जनक रूहोल्ला खमेनी की जगह ली थी.
- ईरानी क्रांति के बाद सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह रूहोल्लाह खोमेनी के नेतृत्व में वे उप रक्षा मंत्री बने और 1980-88 के ईरान-इराक युद्ध के दौरान सुरक्षा बलों के करीब आए.
- जून 1981 में तेहरान की अबूजर मस्जिद में हुए टेप रिकॉर्डर बम से वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे. उनका दाहिना हाथ लकवाग्रस्त हो गया और उन्हें एक कान से सुनाई देना बंद हो गया. वे सबकी नजर में क्रांति के जीवित शहीद बन गए थे और इसने उनकी छवि को मजबूत कर दिया.
- कुछ ही महीनों के भीतर, रूहुल्लाह के समर्थन से वह ईरान के राष्ट्रपति के रूप में चुने गए.
- जून 1989 में अयातुल्लाह रूहोल्लाह खोमेनी की मृत्यु के बाद, असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स (धार्मिक विद्वानों की एक परिषद) ने अली खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर चुना.
- अयातुल्लाह अली खामेनेई ईरान के दूसरे 'सुप्रीम लीडर' थे.
- ईरान में अंतिम फैसला खामेनेई का ही होता था.
- वे देश की सेना और 'रिवोल्यूशनरी गार्ड्स' (IRGC) के प्रमुख थे.