
Churu District: देश में बेरोजगारी की समस्या एक बड़ी समस्या है. वहीं राजस्थान के चुरू जिले की ग्राम पंचायत उड़सर लोढेरा ने नई पहल की शुरुआत की है. गांव के युवा आईटी इंडस्ट्री से जुड़कर करिअर बना सके और उन्हें उन्हें रोजगार मिल सके इसके लिए ग्राम पंचायत उड़सर ने इसकी पहल की है. ग्राम पंचायत की ओर से शुरू किए गए स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत प्रतिवर्ष 20 युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा. युवाओं को वेबसाइट डिजाइन, वेबसाइट डेवलपर, मोबाइल ऐप डेवलपर, डिजिटल मार्केंटिंग आदि का 6 माह का प्रशिक्षण देगी. करीब 5 साल तक चलने वाले प्रोग्राम में ग्राम पंचायत के 100 युवाओं को प्रशिक्षित कर रोजगार मुहैया करवाने का लक्ष्य रखा गया है. इसके लिए ग्राम पंचायत की ओर से ऑनलाइन आवेदन पत्र भरवाए जाते हैं. आवेदन करने के बाद एक टेस्ट के जरिए उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया जाता है. इसके बाद युवाओं को सरदारशहर में निशुल्क ट्रेनिंग दी जाती है. इस वर्ष प्रशिक्षण के लिए अब तक 20 युवाओं का चयन किया जा चुका है, जो सरदारशहर की एक्सिस वेब आर्ट में प्रशिक्षण पा रहे हैं.
उड़सर ग्राम पंचायत सरपंच गुड्डी देवी सहारण ने बताया कि आईटी कंपनी एक्सिस वेब आर्ट के जरिए उड़सर, भोलूंसर, भीमसर, पुनसीसर, भेभरबास गांव के 20 युवाओं को प्रतिवर्ष ट्रेनिंग दी जाएगी. इस ट्रेनिंग के लिए 12वीं पास कर चुके युवा आवेदन कर सकते हैं. इसमें आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं को प्रशिक्षण में प्राथमिकता दी जाएगी. गतवर्ष दिसंबर में प्रशिक्षण शुरू किया गया था, जिसमें 20 युवाओं का चयन ट्रेनिंग के लिए किया गया था. बता दें कि रोजगार की यह ट्रेनिंग निशुल्क है.
एक्सिस वेब आर्ट से जुड़े धनपत सहारण ने बताया कि आईटी इंडस्ट्री में कई तहत की प्रोफाइल और एक्सपर्टीज की जरूरत होती है. इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए युवाओं को अलग-अलग प्रोग्राम की ट्रेनिंग दी जाएगी. ट्रेनिंग के बाद युवाओं को रोजगार मिल सके इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं. ट्रेनिंग के बाद युवा स्टार्टअप भी शुरू कर सकेंगे, इसका भी प्रयास किया जा रहा है. इस साल मुख्य रूप से व्यवसायिक डिजाइनर ट्रेनिंग प्रोग्राम, व्यवसाय डेवलपर ट्रेनिग प्रोग्राम, मोबाइल एप डेवलपर ट्रेनिंग प्रोग्राम, डिजिटल मार्केटिंग ट्रेंनिंग प्रोग्राम में युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है.
गांव के युवा व सामाजिक कार्यकर्ता धंतपत सहारण गुरुग्राम में एक आईटी कंपनी में काम करते थे. आईटी सेक्टर में रोजगार की अपार संभावनाओं को देखते हुए उन्होंने गांव के सरपंच प्रतिनिधि भागीरथ से अपनी कार्य योजना बताई. सरपंच प्रतिनिधि की सहमति के बाद गांव में युवाओं के लिए स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम शुरू किया गया. अब तक लगभग तीन सौ बच्चे धंतपत सहारण आईटी सेक्टर से जुड़ चुके हैं. सहारण ने बताया कि जो बच्चे पहले दूध बेचा करते थे या फिर चौकीदारी का काम करते थे, उन्हें ट्रेनिंग से जोड़ा गया. खुशी की बात है कि अब ये नौजवान अच्छे पैकेंजों पर बड़ी आईटी कंपनियों में काम कर रहे हैं.