विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस पार्टी अभी से तैयारियों में जुट गई है. कांग्रेस पर्यवेक्षक अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में जाकर कार्यकर्ताओं के साथ राय-मशविरा कर रहे हैं. इन बैठकों में हंगामा भी देखने को मिल रहा है. रविवार को चूरू लोकसभा क्षेत्र के लिए नियुक्त AICC के पर्यवेक्षक राजपाल खरोला कार्यकर्ताओं की बैठक लेने पहुंचे तो वहां हंगामा हो गया. साल के आखिर में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए दावेदारी पेश कर रहे उम्मीदवार भी बैठक में पहुंचे थे.
इस दौरान कार्यकर्ता अपने-अपने नेताओं के समर्थन में नारेबाजी भी करते दिखाई दिए. मामला तब और बिगड़ गया, जब रतनगढ़ तहसील के गांव भानुदा व आसपास के गांवों के दर्जनों किसान बैठक में पहुंच गए और बिजली की समस्या के समाधान की मांग करते हुए बैठक में हंगामा कर दिया. किसानों का कहना था कि 33 केवी भानुदा सब स्टेशन की बिजली आपूर्ति 132 केवी जीएसएस पातलीसर से की जा रही है, सुबह 10 से शाम चार बजे तक पातलीसर से बिजली बंद कर दी जाती है, जिससे उनके इलाक़े में मूंगफली की फसल नष्ट होने के कगार पर है. हंगामें को शांत करवाने के लिए मौके पर पुलिस बुलानी पड़ी.
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बोले, मानेसर भागने वालों को कांग्रेस पार्टी ना दे टिकट
बैठक में कांग्रेस नेता साफ़ तौर पर खेमों में बंटे नज़र आए. कांग्रेस नेता बाले खां चायल ने बैठक में कहा कि हमारी कांग्रेस पार्टी से गुजारिश है कि जो लोग मानेसर भागकर गए थे उनको आने वाले विधानसभा चुनाव में टिकट न दिया जाए.
नगर परिषद सभापति राजकरण चौधरी ने विधायक अनिल शर्मा के खिलाफ अपनी नाराजगी ज़ाहिर करते हुए कहा कि विधानसभा उपचुनाव में सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर ऐतिहासिक मतों से कांग्रेस को जितवाया था. लेकिन विधायक अनिल शर्मा ने पिछले कुछ महीनों में हमारे स्वाभिमान को ठेस पहुंचाई है, हमने जनता से जो वादे किये थे वो विधायक की हठधर्मिता और मनमर्जी की वजह से पूरे नहीं हो रहे. इसलिए पार्टी इस बार सरदारशहर विधानसभा का टिकट देते समय जनता की राय अवश्य ले.