Rajasthan News: राजस्थान में आईएएस चयन प्रक्रिया को लेकर सियासी घमासान मच गया है. पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने चयन प्रक्रिया में पक्षपात का आरोप लगाया है. पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए सरकार को जमकर घेरा है. अशोक गहलोत ने कहा कि मैं राज्य सरकार से मांग करता हूं कि इस गतिरोध को समाप्त कर योग्यता के आधार पर अविलंब नियुक्तियां जारी की जाएं, ताकि प्रशासनिक ढांचा राजनीति से मुक्त होकर सुचारू रूप से कार्य कर सके.
चयन प्रक्रिया में देरी पर सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक्स पर लिखा कि राजस्थान में आईएएस चयन प्रक्रिया में जिस प्रकार की देरी और पक्षपात की खबरें सामने आ रही हैं, वह चिंताजनक है. उन्होंने कहा, "जब UPSC बोर्ड और केंद्र सरकार ने नामों पर मुहर लगा दी है, तो फिर पिछले एक माह से CMO स्तर पर इन पदोन्नतियों को क्यों रोका गया है?"
प्रदेश में 'अन्य सेवा' से IAS चयन की प्रक्रिया में जिस प्रकार का विलंब और पक्षपात की खबरें सामने आ रही हैं, वह चिंताजनक है। जब UPSC बोर्ड और केंद्र सरकार ने नामों पर मुहर लगा दी है, तो फिर पिछले एक माह से CMO स्तर पर इन पदोन्नतियों को क्यों रोका गया है?
— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) February 16, 2026
प्रशासनिक नियुक्तियों में…
जल्द से जल्द नियुक्ति करने की मांग
पूर्व सीएम गहलोत ने आरोप लगाया कि प्रशासनिक नियुक्तियों में योग्यता और पारदर्शिता के बजाय 'पसंदीदा' चेहरों या राजनीतिक रसूख को प्राथमिकता दी जा रही है. यह पूरी तरह से किसी संस्थागत गरिमा के खिलाफ है. राज्य सरकार को घेरते हुए अशोक गहलोत ने अपनी पोस्ट में कहा कि चयन प्रक्रिया में शामिल अधिकारियों के रिश्तों और निकटता की जो चर्चाएं सार्वजनिक हो रही हैं, उनसे सरकार की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं.
अशोक गहलोत ने भजनलाल सरकार से मांग की कि इस गतिरोध को समाप्त कर योग्यता के आधार पर अविलंब नियुक्तियां जारी की जाएं, ताकि प्रशासनिक ढांचा राजनीति से मुक्त होकर सुचारू रूप से कार्य कर सके.
यह भी पढे़ं-
भिवाड़ी अग्निकांड पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कानून व्यवस्था और मॉनिटरिंग पर उठाये सवाल