jalore News: राजस्थान के जालोर जिले की बागोड़ा पुलिस ने एक बड़ी चोरी की गुत्थी सुलझाते हुए गिरोह के सरगना को गिरफ्तार कर लिया है. करीब पांच महीने से फरार चल रहे इस शातिर बदमाश की गिरफ्तारी से पुलिस ने इलाके में सक्रिय नकबजन गिरोह की कमर तोड़ दी है. पुलिस के जरिए बरामद किए गए गहनों की कीमत करीब 1 करोड़ रुपये आंकी गई है.
बंद पड़े मकान पर चोरों ने लाखों के गहनों पर किया हाथ साफ
घटना 5 नवंबर 2025 की है, जब देवदा का गोलिया के रहने वाले रामाराम ने बागोड़ा थाने में चोरी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी. रामाराम ने बताया था कि उसके भाई के बंद पड़े मकान के ताले तोड़कर अज्ञात चोरों ने लाखों के जेवरात और नकदी पर हाथ साफ कर दिया था. जिसकी शिकायत उसने थाने में दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने गंभीरता से जांच शुरू की थी.
मास्टरमाइंड पर था इनाम
जांच के दौरान पुलिस ने पहले ही गिरोह के दो सदस्यों- भरत कुमार और मदनसिंह को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि एक किशोर को भी निरुद्ध किया गया था. लेकिन, इस पूरे गिरोह का मास्टरमाइंड अर्जुनसिंह ( जिसने इस वारदात को अंजाम दिया था) लगातार पुलिस को चकमा दे रहा था, लेकिन शनिवार को आखिरकार बागोड़ा पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अर्जुनसिंह को धर दबोचा.
जांच में 1 करोड़ का माल बरामद
थानाधिकारी बलदेवराम ने मामले को लेकर जानकार दी की जांच और पूछताछ में पुलिस ने अर्जुनसिंह की निशानदेही पर उसके कई ठिकानों पर छापेमारी की. जिसमें करीब 4 किलो चांदी के आभूषण, 55 तोला सोने के आभूषण बरामद किए हैं. बरामद माल की कुल कीमत बाजार में करीब 1 करोड़ रुपये बताई जा रही है.
कैसे देते थे वारदात को अंजाम?
पूछताछ में सामने आया कि यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से काम करता था. आरोपी पहले दिन में सूने मकानों की 'रेकी' (निगरानी) करते थे और रात के अंधेरे में ताले तोड़कर चोरी को अंजाम देते थे. पकड़े गए मास्टरमाइंड से पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और अन्य वारदातों के बारे में भी पूछताछ कर रही है.