विज्ञापन
This Article is From Jan 11, 2026

किशनगढ़ में बड़ा निवेश घोटाला, MVC कंपनी ने सैकड़ों लोगों से करोड़ों ठगे; कोर्ट के आदेश पर FIR

राजस्थान में अजमेर के किशनगढ़ में MVC कंपनी ने मोटे मुनाफे का झांसा देकर सैकड़ों लोगों से करोड़ों रुपये ठग लिए. शुरुआत में रिटर्न देकर भरोसा जीता, फिर ऑफिस बंद कर फरार हो गए.

किशनगढ़ में बड़ा निवेश घोटाला, MVC कंपनी ने सैकड़ों लोगों से करोड़ों ठगे; कोर्ट के आदेश पर FIR
किशनगढ़ में बड़ा निवेश घोटाला.

Rajasthan News: राजस्थान के अजमेर जिले में किशनगढ़ इलाके में एक बड़ा निवेश घोटाला उजागर हुआ है जहां सैकड़ों लोगों को मोटे मुनाफे का लालच देकर करोड़ों रुपये ठग लिए गए. एमवीसी नाम की कंपनी के तीन कथित निदेशकों ने आम लोगों को झांसे में लेकर उनका पैसा हड़प लिया. अब कोर्ट के सख्त आदेश पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. यह मामला उन निवेशकों की कहानी बयां करता है जो आसान कमाई के चक्कर में सब कुछ गंवा बैठे.

फोन से शुरू हुआ संपर्क, होटल में बुना विश्वास का जाल

करीब दो साल पहले जयपुर से एक फोन कॉल आई. कॉल करने वाले कंपनी के निदेशक प्रकाशचंद जैन रवि जैन और आकाश टोडरका थे. उन्होंने किशनगढ़ के रहने वाले मुकेश कुमार शर्मा को संपर्क किया.

मुकेश को उनके साथियों समेत जयपुर के बाबा रामदेव हैंडीक्राफ्ट के नजदीक एक होटल में मीटिंग के लिए बुलाया गया. वहां भोजन कराकर कंपनी का प्लान बताया गया. प्लान में एक कॉइन की कीमत 15 रुपये बताई गई और एक साल में तीन से चार गुना मुनाफा देने का वादा किया गया. यह सुनकर मुकेश और उनके जान-पहचान वाले उत्साहित हो गए.

शुरुआती लाभ से बढ़ा भरोसा, फिर सब कुछ ठप

कंपनी की बातों पर यकीन कर मुकेश उनके रिश्तेदारों परिचितों और दोस्तों ने मिलकर भारी रकम निवेश की. शुरू में 5 से 10 प्रतिशत तक रिटर्न मिला जिससे सबका विश्वास और मजबूत हुआ. धीरे-धीरे 100 से 150 लोग इस योजना से जुड़ गए. लेकिन अचानक मुनाफा आना बंद हो गया. निवेशक जब जयपुर में कंपनी के ऑफिस पहुंचे तो वह बंद मिला. इससे सब हक्का-बक्का रह गए.

निवेशकों का गुस्सा, धमकियां और परेशानी

ऑफिस बंद होने से निवेशकों में हड़कंप मच गया. वे मुकेश और उनके साथियों को जिम्मेदार ठहराने लगे. कई लोगों ने गाली-गलौच की धमकियां दीं यहां तक कि जान से मारने की चेतावनी भी दी. स्थिति इतनी खराब हो गई कि मुकेश और उनके परिवार का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया. वे डर के साए में जीने लगे.

पुलिस से गुहार लगाई, कोर्ट ने दिया न्याय

मुकेश ने पहले गांधीनगर थाने में शिकायत की फिर अजमेर के पुलिस अधीक्षक को रजिस्टर्ड डाक से आवेदन भेजा लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई. आखिरकार वे अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या-02 किशनगढ़ की अदालत पहुंचे.

कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए पुलिस को FIR दर्ज करने का आदेश दिया. अब गांधीनगर थाने में धारा 420 और 406 आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज हो गया है. जांच धारा 175(3) BNSS 2023 के तहत चल रही है जो थाना प्रभारी के नेतृत्व में आगे बढ़ रही है.

यह भी पढ़ें- दौसा की सियासत हुई गरम, कांग्रेस MLA डीसी बैरवा के घर पहुंचे डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा

पूरी स्टोरी पढ़ें

Rajasthan.NDTV.in पर राजस्थान की ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें. देश और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं. इसके अलावा, मनोरंजन की दुनिया हो, या क्रिकेट का खुमार, लाइफ़स्टाइल टिप्स हों, या अनोखी-अनूठी ऑफ़बीट ख़बरें, सब मिलेगा यहां-ढेरों फोटो स्टोरी और वीडियो के साथ.

फॉलो करे:
Close
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com