Digital Arrest Fraud: राजस्थान के सीकर जिले में साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे ‘म्यूल हंटर' अभियान को बड़ी सफलता मिली है. पाटन थाना पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण और त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन शातिर साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है. आरोपी देश के अलग-अलग राज्यों में लोगों को अपना शिकार बना रहे थे.
डिजिटल करेंसी और 'डिजिटल अरेस्ट' का जाल
पाटन थानाधिकारी रमेश मीणा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हिमांशु, अंकित चौधरी और राकेश मीणा के रूप में हुई है. यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से ठगी को अंजाम देता था.आरोपी आमजन को कम कीमत पर USDT (डिजिटल करेंसी) दिलाने का लालच देते थे. इसके अलावा, गिरोह फर्जी सर्विस चार्ज, डमी मैसेज और हाल के दिनों में चर्चित हुए ‘डिजिटल अरेस्ट' जैसे डरावने तरीकों से लोगों को अपने जाल में फंसाकर उनसे मोटी रकम वसूलता था.
चार राज्यों तक फैला था ठगी का नेटवर्क
पुलिस को रोशन मीणा नामक व्यक्ति के बैंक खाते से जुड़े एक संदिग्ध ‘म्यूल अकाउंट' की शिकायत मिली थी. जब पुलिस ने गहराई से जांच की, तो परतें खुलती गईं. जांच में सामने आया कि इन ठगों ने ओडिशा, कर्नाटक, तमिलनाडु और बिहार जैसे राज्यों में करीब 2 लाख 20 हजार रुपये की ऑनलाइन ठगी की वारदात को अंजाम दिया था. ठगी की यह राशि इन्होंने अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करवाई थी.
पूछताछ में उगला ठगी करने का तरीका
शिकायत की पुष्टि होने के बाद पुलिस टीम ने दबिश देकर तीनों आरोपियों को धर दबोचा. पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने ऑनलाइन ठगी की वारदातों को स्वीकार कर लिया है. फिलहाल, पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों और इनके द्वारा इस्तेमाल किए गए अन्य बैंक खातों की जानकारी जुटा रही है. पुलिस का मानना है कि पूछताछ में ठगी के कई और बड़े मामलों का खुलासा हो सकता है.
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