
Rajasthan News: राजस्थान की राजधानी जयपुर में अनोखा मामला सामने आया है. जहां पुलिस का काम आम नागरिकों ने कर दिया. मामला है कि जयपुर शहर से चोरी हुई स्कॉर्पियो कार को रेंटल कंपनी के मालिक और बिजनेसमैन ने खुद ढूंढ निकाला. गाड़ी में लगे जीपीएस ट्रैकर की मदद से गाड़ी का पता चला जो, भीलवाड़ा के आसींद में मिली. जहां इसे मादक पदार्थ तस्कर को बेच दिया गया था. कार के मालिक और उनकी टीम ने 820 किलोमीटर तक कार का पीछा किया और बदमाशों को पकड़ लिया.
820 किलोमीटर तक किया बदमाशों का पीछा
इसके बाद रेंटल कंपनी के मालिक और गाड़ी मालिक ने न सिर्फ चोरी हुई स्कॉर्पियो बरामद की, बल्कि तस्कर को भी पकड़कर जयपुर ले आए. इसके बाद उन्होंने जयपुर के सदर थाने में एफआईआर दर्ज करवाई और गाड़ी के साथ तस्कर को पुलिस के हवाले कर दिया. पुलिस ने कार मालिक की मदद से दो बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया.
2020 से चला रहा रेंटल कार का बिजनेस
सदर थाने में आमेर की कुण्डलाव कॉलोनी निवासी कुलदीप सिंह राठौड़ (34) ने एफआईआर दर्ज करवाई. जिसमें बताया गया कि कुलदीप का रेलवे मेट्रो स्टेशन के पास रेंटल कार का बिजनेस है, जिसे वह 2020 से चला रहे हैं. 16 मार्च को सुबह करीब 11:30 बजे कुलदीप के पास एक युवक का कॉल आया. उसने स्कॉर्पियो-एन रेंट पर लेने की बात कही और व्हाट्सएप पर गाड़ी की फोटो भेजने को कहा.
रेंट पर देने से मना किया तो कर ली चोरी
वहीं इसके कुछ देर बाद झुंझुनूं के विवेक नगर किसान कॉलोनी निवासी हरेंद्र सिंह राठौड़ का फोन आया, जिसने कहा कि वह गाड़ी झुंझुनूं ले जाना चाहता है. कुलदीप को शक हुआ और उसने स्कॉर्पियो देने से मना कर दिया, लेकिन इसी दौरान कार चोरी हो गई.
गाड़ी के चोरी होने के बाद कुलदीप ने तुरंत अपनी गाड़ी का जीपीएस ट्रैकर चेक किया, जिससे पता चला कि स्कॉर्पियो भीलवाड़ा के आसींद पहुंच चुकी है. जिसके बाद उन्होंने लगातार गाड़ी का पीछा किया और गाड़ी तक पहुंच गए. जिसमें कार के साथ तस्कर भी पकड़े गए.
जांच में जुटी पुलिस
जयपुर लौटकर कुलदीप ने सदर थाने में एफआईआर दर्ज करवाई. पुलिस ने कार मालिक की मदद से मामले की जांच शुरू की और दो बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस जांच में सामने आया कि स्कॉर्पियो को चोरी कर मादक पदार्थ तस्कर को सौंप दिया गया था. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि चोरी करने वालों के पीछे कौन है और गिरोह में और कौन-कौन शामिल हो सकता है.