Deeg Gulal Kund Special holi: भारत में होली केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि आस्था और परंपराओं का त्योहार है. जब बात ब्रज की होली की हो, तो बरबस ही मथुरा-वृंदावन का नाम जेहन में आता है. लेकिन राजस्थान के नवनिर्मित जिले डीग के बॉर्डर पर बसा एक छोटा सा गांव गांठौली' अपनी एक ऐसी कहानी कहता है, जो भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी की प्रेम लीला का साक्षात प्रमाण माना जाता . यहां का 'गुलाल कुंड' आज भी द्वापर युग की होली के रहस्यों को समेटे हुए है.
गांठौली नाम के पीछे छिपी है एक 'ठिठोली'
गुलाल कुंड जहां धुले थे होली के वस्त्र
गांव में स्थित 'गुलाल कुंड' को लेकर ग्रामीणों की अटूट श्रद्धा है. कहा जाता है कि राधा-कृष्ण ने इसी कुंड में जी भरकर अबीर-गुलाल उड़ाया था, जिससे इसका पानी आज भी भक्ति के रंगों में रंगा हुआ है. मान्यता कि होली खेलने के बाद युगल सरकार ने अपने भीगे हुए वस्त्र इसी कुंड के जल में धोए थे. एक और रोचक तथ्य यह है कि चूंकि बरसाना राधा रानी का मायका था और परंपरा के अनुसार बेटियां मायके में होली नहीं खेलतीं, इसलिए उन्होंने कान्हा के साथ होली खेलने के लिए गांठौली के इस एकांत और पवित्र कुंड को चुना था.
यह भी पढ़ें: Rajasthan Weather: राजस्थान में फाल्गुन में जेठ का अहसास, बाड़मेर में पारा 38 डिग्री के पार, जानें अपने शहर का हाल