
Pratapgarh Foundation Day: राजस्थान का प्रतापगढ़ जिला आज 17 साल का हो गया. जिला स्थापना दिवस के मौके पर राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के ऑडिटोरियम में गुरुवार को कांठल दिवस सांस्कृतिक संध्या कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. इस कार्यक्रम में जिला कलक्टर डॉ. अंजलि राजोरिया मुख्य अतिथि और नगर परिषद सभापति रामकन्या गुर्जर अध्यक्ष के रूप में मौजूद रहे. इसमें एक से बढ़कर एक कई सांस्कृतिक कार्यक्रम किए गए. जिसमें पधारो म्हारो देश की धुन पर पूरा ऑडिटोरियम गूंज उठा.
मालूम हो कि 2008 में 25 जनवरी को प्रदेश की तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया ने 33वें ज़िले के रूप में प्रतापगढ़ को जिला बनाने की घोषणा की थी. प्रतापगढ़ 2008 से पूर्व चित्तौड़गढ़ का एक हिस्सा था. इसमें उदयपुर जिले के धरियावद को और बांसवाड़ा ज़िले के पीपलखूंट इलाक़े को शामिल किया गया था.
गैर नृत्य सहित विविध कार्यक्रमों का हुआ प्रदर्शन
इस अवसर पर विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओ द्वारा देश-भक्ति गीतों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का प्रदर्शन किया गया, जिसमें गैर नृत्य द्वारा स्थानीय जनजाति संस्कृति का प्रदर्शन किया गया. साथ ही तपस संस्था के दिव्यांग बच्चों ने देश-भक्ति गीतों का गायन कर सबका मन मोह लिया. इस अवसर पर स्वरांकुल बच्चों ने भी वाद्ययंत्रों के माध्यम गीतों का प्रदर्शन किया. साथ ही एकलव्य आवासीय विद्यालय, टीमरवा की छात्राओं द्वारा नृत्य प्रस्तुति कर भारतीय संस्कृति की झलक दिखाई.

Pratapgarh Foundation Day के मौके पर कार्यक्रम की प्रस्तुति देते कलाकार.
मैं भारत हूं भारत है मुझमें.. गीत पर नृत्य प्रस्तुति कर दी मतदान की प्रेरणा
कार्यक्रम में मतदाताओं को जागरूक करने के उद्देश्य व मतदान के महत्व को बताने के लिए छात्र-छात्राओं द्वारा स्वीप गतिविधियों के तहत " मैं भारत हूं भारत है मुझमें " गीत पर नृत्य प्रस्तुति दी गई और मतदान का संदेश दिया. कार्यक्रम में जिला पुलिस अधीक्षक अमित कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भागचंद मीणा, अतिरिक्त जिला कलक्टर दीपेन्द्रसिंह राठौर सहित जनप्रतिनिधि प्रहलाद गुर्जर, अन्य जनप्रतिनिधि, जिला स्तरीय अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे। मंच का संचालन सुधीर वोरा, रेखा वोरा और नीलम कटलाना द्वारा किया गया.
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