
जोधपुर राजस्थान का दूसरा सबसे बड़ा जिला है. जोधपुर राज्य का एक अन्तवर्ती जिला है, जिसकी सीमा किसी भी अन्य राज्य या देश से नहीं लगती है. यह अपनी सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक धरोहर के लिए दुनिया भर में मशहूर है। जोधपुर के खूबसूरत महलों व किलों की सुंदर स्थापत्य कला और झीलों की सुंदरता को देखने के लिए दूर-दूर से पर्यटक यहां आते हैं. विदेशी सैलानियों के लिए तो यह आकर्षण का केंद्र बन चुका है. राजस्थान राज्य का उच्च न्यायालय भी राजधानी जयपुर के बजाय जोधपुर में स्थित है. इसके अलावा एशिया की सबसे बड़ी देशी घी की मंडी भी जोधपुर में है.
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राव जोधा ने की थी शहर की स्थापना
कहा जाता है कि 1459 में राव जोधा ने इस शहर शहर की स्थापना की थी और उन्हीं के नाम पर इसका नाम जोधपुर पड़ा. जोधा राठौड़ समाज के मुखिया और जोधपुर के 15वें राजा थे. उनके पिता रणदेव की हत्या मेवाड़ में हो गई थी इसलिए उन्हें वह इलाका छोड़ना पड़ा. शुरू में जोधा के राज्य की राजधानी मंडोर थी, पर बाद में जोधपुर उनकी सत्ता का केन्द्र बन गया. अपने राज्य की रक्षा के लिए उन्होंने जोधपुर की चिड़ियाटुंक पहाड़ी पर एक विशाल दुर्ग बनवाया, जिसे मेहरानगढ़ के किले के रूप में जाना जाता है. जोधपुर पर 1565 में मुगलों का अधिकार हो गया. जोधपुर राज्य के राव चन्द्रसेन ने 1570 ई. में अकबर से भेंट की लेकिन अकबर ने उसके भाई मोटा राजा उदयसिंह को जोधपुर राज्य का शासक मान लिया. औरंगजेब ने महाराजा जसवंत सिंह की मृत्यु के बाद इस क्षेत्र पर अधिकार कर लिया था. औरंगजेब की मृत्यु के बाद जोधपुर के पूर्व शासक महाराजा अजीत सिंह ने गद्दी संभाली.
इस तरह हुआ था भारत में विलय
ब्रिटिश राज के दौरान, पूरे राजपूताना में जोधपुर का सबसे बड़ा भूमि क्षेत्र था जो लगभग 36,071 वर्ग मील था. 1947 में भारत के स्वतंत्र होने पर जोधपुर रियासत का भारत में विलय हो गया.
दर्शनीय स्थल और उत्सव हैं प्रमुख आकर्षण
अपनी ऐतिहासिक धरोहरों के कारण जोधपुर देश में पर्यटन का एक प्रमुख केंद्र माना जाता है. सबसे प्रमुख पर्यटन स्थल मेहरानगढ़ के किले के अलावा भी यहां दर्जनों दर्शनीय स्थल हैं. इनमें उम्मेद पैलेस, मोती महल, शीश महल, जसवंत थडा, मंडोर गार्डन, राव जोधा रॉक डेजर्ट पार्क, कैलाना झील, बालसमंद झील, घंटाघर, सच्चियाय माता मंदिर
माचिया बायोलॉजिकल पार्क, सरदार राजकीय संग्रहालय, मण्डोर का राजकीय संग्रहालय प्रमुख हैं. जोधपुर में मनाए जाने वाले उत्सव भी विदेशी सैलानियों को काफी आकर्षित करते हैं. इनमें मारवाड़ उत्सव, नागौर का प्रसिद्ध पशु मेला, कागा में शीतला माता का उत्सव और पीपर का गणगौर मेला सबसे प्रमुख हैं.
जोधपुर एक नजर में
- भौगोलिक स्थिति - 26॰से 27॰37'उत्तरी अक्षांश 72॰55' से 73॰52'पूर्वी देशान्तर
- क्षेत्रफल - 22,850 वर्ग किलोमीटर
- जनसंख्या - 36,87,165 (2011 की जनगणना)
- जनसंख्या घनत्व : 161
- लिंगानुपात : 916
- साक्षरता दर : 65.94 प्रतिशत
- पंचायत समितियां - 16
- संभाग - जोधपुर
- तहसील - 18 (जोधपुर, आऊ, बलेसर, बावड़ी, बाप, बापिनी, भोपालगढ़, बिलाड़ा, देचू, लूनी, लोहावट, ओसिया, पीपाड़, सेतरावा, फलोदी, शेखला, शेरगढ़, तिंवरी)
- विधानसभा क्षेत्र - 10 (जोधपुर, फलोदी, लोहावट,शेरगढ़, ओसियां, भोपालगढ़, सरदारपुरा,
- सूरसागर, लूनी, बिलाड़ा)