पूरे देश में इंजीनियरिंग की बस एक ही प्रवेश परीक्षा की ज़रूरत

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देव शर्मा

भारतीय इंजीनियरिंग संस्थानों के बी-टेक, इंटीग्रेटेड एम-टेक तथा डुएल-डिग्री पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु आयोजित की जाने वाली विभिन्न इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं के एकीकरण की अब सख़्त आवश्यकता है. कारण यह है कि इन इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं के सिलेबस अलग है, पेपर-पैटर्न अलग है,मार्किंग स्कीम अलग है, टाइ-ब्रेकिंग के नियम अलग है तथा इनमें सम्मिलित होने के लिए विद्यार्थियों को ऑनलाइन-फॉर्म भी अलग-अलग ही भरने होते हैं. ऐसा होने से विद्यार्थियों एवं अभिभावकों को शैक्षणिक तथा आर्थिक दोनों प्रकार की असुविधाओं का सामना करना पड़ता है. 

इंजीनियरिंग की विभिन्न परीक्षाएँ

वर्तमान समय में बात की जाए तो देश में आईआईटी (IIT),एनआईटी (NIT), ट्रिपल-आईटी (IIIT) तथा जीएफटीआई (GFTI) के इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु जेईई-मेन/एडवांस्ड प्रवेश परीक्षा (JEE Mains Advanced Entrance Exam) आयोजित की जाती है. 

प्रतिष्ठित इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च-आईआईएसईआर (IISER) संस्थानों के बैचलर ऑफ़ साइंस-बीएस पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु आईआईएसईआर एप्टीट्यूड टेस्ट-आईएटी का आयोजन किया जाता है.

बिट्स-पिलानी द्वारा संचालित पिलानी, गोवा तथा हैदराबाद के इंजीनियरिंग संस्थानों के फर्स्ट डिग्री इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश बिट्सेट प्रवेश-परीक्षा के माध्यम से दिया जाता है. 

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पश्चिम बंगाल के इंजीनियरिंग संस्थानों में प्रवेश हेतु वेस्ट बंगाल ज्वाइंट एंटरेंस एग्जामिनेशन-डब्लूबीजेईई प्रवेश परीक्षा (WBJEE)आयोजित की जाती है.

इसी भांति कुछ प्राइवेट संस्थान भी बी-टेक पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु अपने स्तर पर प्रवेश-परीक्षाओं का आयोजन करते है.

ये सभी प्रवेश परीक्षाएं जनवरी के अंतिम-सप्ताह से प्रारंभ होती हैं तथा मई के अंतिम-सप्ताह तक जारी रहती है. ऐसे में 12वीं-बोर्ड में अध्ययनरत विद्यार्थियों हेतु स्थिति बड़ी विकट हो जाती है, क्योंकि उन्हें इसी दौरान 12वीं-बोर्ड की प्रायोगिक एवं सैद्धांतिक परीक्षाओं में भी सम्मिलित होना होता है.

प्रयागराज में 2025 में एक परीक्षा केंद्र पर जेईई परीक्षार्थी
Photo Credit: ANI

मेडिकल की तर्ज पर इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं का भी हो एकीकरण

बायोलॉजी विषय के विद्यार्थियों हेतु राजकीय तथा निजी मेडिकल संस्थानों के एमबीबीएस पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु राष्ट्रीय स्तर पर एक ही प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी का आयोजन किया जाता है.

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वहीं एम्स (AIIMS), जिपमेर (JIPMER), आईएमएस-बीएचयू (IMS-BHU) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से लेकर देश के सभी राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों के सभी राजकीय तथा निजी मेडिकल संस्थानों की प्रत्येक एमबीबीएस सीट पर प्रवेश नीट-यूजी की मेरिट सूची के आधार पर ही दिया जाता है.

प्रवेश-परीक्षाओं के एकीकरण का यह एक श्रेष्ठ उदाहरण है तथा इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं का भी इसी तर्ज पर एकीकरण किया जाना आवश्यक है. 

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परीक्षा-महोत्सव: जनवरी से मई 2026 के बीच

इस वर्ष सीबीएसई तथा स्टेट-बोर्ड की 12वीं-कक्षा की प्रायोगिक परीक्षाएं जनवरी-2026 के प्रथम सप्ताह से प्रारंभ हो चुकी हैं, तथा आगामी मई-2026 तक विभिन्न परीक्षाओं का महोत्सव जारी रहेगा. इस परीक्षा महोत्सव की टाइमलाइन इस प्रकार है - :

1. जेईई-मेन जनवरी-सेशन: 21 जनवरी से 30 जनवरी के मध्य 

2. सीबीएसई 12वीं बोर्ड की परीक्षाएं: 17 फरवरी से 9 अप्रैल के मध्य

3. जेईई-मेन अप्रैल सेशन: 2 अप्रैल से 9 अप्रैल के मध्य 

4. एनडीए-एनए-1: 12अप्रैल 2026

5. बिटसेट 
अप्रैल सेशन: 15 अप्रैल से 17 अप्रैल के मध्य 
मई सेशन: 24 मई से 26 मई के मध्य 

6.आईआईएसईआर एप्टीट्यूड टेस्ट-आईएटी: तारीख घोषित नहीं, मई के अंतिम सप्ताह में संभावित 

7. वेस्ट बंगाल जेईई-डब्ल्यूबीजेईई: तारीख घोषित नहीं, अप्रैल के अंतिम माह में संभावित 

8. सीयूईटी-यूजी: 11-मई से 31-मई के मध्य 

9. जेईई-एडवांस्ड: 17-मई, 2026

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लेखक परिचयः देव शर्मा  कोटा  स्थित इलेक्ट्रिकल इंजीनियर और फ़िज़िक्स के शिक्षक हैं.  उन्होंने 90 के दशक के आरंभ में कोचिंग का चलन शुरू करने में अग्रणी भूमिका निभाई. वह शिक्षा संबंधी विषयों पर नियमित रूप से लिखते हैं.

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण) : इस आलेख में व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी विचार हैं.

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