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Rajasthan: अजमेर की सूफिया का वर्ल्ड रिकॉर्ड, 98 घंटे दौड़कर लेह-मनाली में लहराया तिरंगा, गिनीज बुक में नाम दर्ज

Rajasthan News: अजमेर की इंटरनेशनल अल्ट्रा रनर सूफिया सूफी ने मनाली से लेह तक की दुनिया की सबसे मुश्किल हाई-एल्टीट्यूड एंड्योरेंस 98 घंटे और 27 मिनट में पूरी करके गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराया है.

Rajasthan: अजमेर की सूफिया का वर्ल्ड रिकॉर्ड, 98 घंटे दौड़कर लेह-मनाली में लहराया तिरंगा, गिनीज बुक में नाम दर्ज
Ultra Runner Sufiya Sufi
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Ultra runner Sufiya Sufi News: राजस्थान के अजमेर जिले के अंतरराष्ट्रीय अल्ट्रा रनर सूफिया सूफी (40) ने एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम दर्ज कर ली है. सूफिया ने हिमाचल प्रदेश के मनाली से लेह तक 430 किमी की दुर्गम दूरी महज 98 घंटे 27 मिनट में पूरी कर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड हासिल किया. यह रन दुनिया के सबसे कठिन हाई-एल्टीट्यूड एंड्योरेंस चैलेंज में गिना जाता है, जिसमें पांच ऊंचे दर्रों को पार करना शामिल रहा. कुल मिलाकर 8500 मीटर से अधिक चढ़ाई वाले इस चुनौतीपूर्ण मार्ग पर दौड़ पूरी करना अपने आप में असाधारण उपलब्धि मानी जाती है. सूफिया इससे पहले भी चार अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड बना चुकी हैं और लगातार भारत का नाम रोशन कर रही हैं.

 पेट में इन्फेक्शन के बावजूद नहीं मानी हार

सूफिया सूफी ने बताया कि यह रिकॉर्ड उन्होंने 31 अगस्त 2023 को पूरा किया, जबकि इसका आधिकारिक अवॉर्ड उन्हें दो दिन पहले मिला.खास बात यह रही कि रेस के दौरान उन्हें पेट में इन्फेक्शन हो गया था, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. इससे पहले वर्ष 2021 में उन्होंने यही रन 156 घंटे में पूरा कर रिकॉर्ड बनाया था, जिसे बाद में एक अन्य धाविका ने इसे तोड़ दिया. तभी से सूफिया ने ठान लिया था कि वह फिर लौटेंगी और इसी रेस में एक नया कीर्तिमान स्थापित करेंगी. इसके बाद अगस्त 2023 में कठिन मौसम, ऑक्सीजन की कमी और खतरनाक रास्तों के बीच उनका जज़्बा उनकी ताकत बना और इस रेस में उन्होंने एक नया रिकॉर्ड बनाते हुए गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नम दर्ज कराया. 

 दौड़ को बनाया मिशन

दौड़ को बनाया मिशन
Photo Credit: NDTV

नौकरी छोड़ी, दौड़ को बनाया मिशन 

1 अगस्त 1985 को अजमेर में जन्मी सूफिया ने एमडीएस यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया और 2009 में दिल्ली एयरपोर्ट पर ग्राउंड हैंडलिंग ऑफिसर की नौकरी जॉइन की, लेकिन 2019 में नौकरी छोड़ पूरी तरह रनिंग को समर्पित हो गईं. वे ट्रांस इंडिया (4000 किमी) और गोल्डन क्वाड्रिलैटरल (6000 किमी) जैसी अल्ट्रा रनिंग चुनौतियां जीत चुकी हैं. अब उनका अगला लक्ष्य भारत के पूर्व से पश्चिम तक दौड़ना है। इसके बाद वे 30,000 किमी ‘रन अराउंड द वर्ल्ड' चैलेंज में 30 देशों को कवर करने की तैयारी में हैं - जहां एक और वर्ल्ड रिकॉर्ड उनका इंतजार कर सकता है.

क्या होती है अल्ट्रा रनर

अल्ट्रा रनर वे रनर होते हैं जो पारंपरिक मैराथन (42.195 km/26.2 mi) से ज़्यादा दूरी तक दौड़ते हैं. ये एथलीट आम तौर पर 50 km, 100 km, 100 मील या उससे ज़्यादा दूरी की मुश्किल रेस (अल्ट्रामैराथन) पूरी करते हैं, या एक तय समय (जैसे 24–48 घंटे) तक दौड़ते हैं, जिसमें बहुत ज़्यादा शारीरिक और मानसिक सहनशक्ति की जरूरत होती है.

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