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This Article is From Feb 18, 2026

Rajasthan: जल जीवन मिशन घोटाले में 10वां अहम आरोपी छत्तीसगढ़ से गिरफ्तार, 9 को किया गया ACB कोर्ट में पेश

राजस्थान में जल जीवन मिशन में 960 करोड़ रुपये के कथित घोटाले में एसीबी ने 15 ठिकानों पर छापे मार कई इंजीनियरों और अधिकारियों को गिरफ्तार किया है.

Rajasthan: जल जीवन मिशन घोटाले में 10वां अहम आरोपी छत्तीसगढ़ से गिरफ्तार, 9 को किया गया ACB कोर्ट में पेश
Jal Jeevan Mission scam accused in ACB court
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राजस्थान में जल जीवन मिशन से जुड़े 900 करोड़ रुपये के कथित घोटाले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ACB ने 10वें आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. एसीबी ने इस सिलसिले में कल, मंगलवार 17 फरवरी को राजस्थान, दिल्ली, बिहार और झारखंड में 15 ठिकानों पर छापेमारी की थी. एसीबी ने कल 9 लोगों को गिरफ्तार किया था. लेकिन, इस मामले में दसवें आरोपी मुकेश पाठक की तलाश की जा रही थी. मुकेश पाठक को कल देर रात छत्तीसगढ़ से गिरफ्तार कर लिया गया. 

इस पूरे कथित घोटाले में मुकेश पाठक की भूमिका बड़ी अहम समझी जा रही थी. पाठक पर आरोप है कि उसी ने ही घोटाले के लिए फर्जी प्रमाण पत्र बनाया था. आरोप है कि उसने श्री श्याम,गणपति ट्यूबवेल फर्म के लिए इरकॉन के नाम का फर्जी प्रमाण पत्र बनाया था. समझा जा रहा है कि पाठक की गिरफ्तारी से इस मामले में जांच में महत्वपूर्ण प्रगति हो सकती है.

9 आरोपियों को एसीबी कोर्ट में किया गया पेश

इस बीच एसीबी ने कल जिन 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया था, उन्हें आज जयपुर में एसीबी की स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया. अदालत ने आरोपियों को 3 दिनों के लिए एसीबी की रिमांड पर भेज दिया है और इस दौरान उनसे पूछताछ की जाएगी. इस मामले में अगली सुनवाई अब 21 फरवरी को होगी. मामले में गिरफ्तार 10वें आरोपी मुकेश पाठक को भी जल्दी ही एसीबी की कोर्ट में पेश किया जाएगा.

ACB की टीम ने जल जीवन मिशन घोटाले में कल 9 लोगों को गिरफ्तार किया था. इनके नाम हैं  - उनमें दिनेश गोयल, चीफ इंजीनियर (प्रशासन); केडी गुप्ता,चीफ इंजीनियर (ग्रामीण); शुभांशु दीक्षित, अतिरिक्त मुख्य अभियंता, जयपुर द्वितीय; सुशील शर्मा, वित्तीय सलाहकार (नवीकरणीय ऊर्जा); नीरिल कुमार, मुख्य अभियंता (चूरू); विशाल सक्सेना,निलंबित XEN; रिटायर्ड अतिरिक्त मुख्य अभियंता अरुण श्रीवास्तव, रिटायर्ड मुख्य अभियंता और तकनीकी सदस्य डी. के. गौड़ तथा रिटायर्ड अधीक्षण अभियंता महेंद्र प्रकाश सोनी.

क्या है जल जीवन मिशन में 960 करोड़ के घोटाले का मामला

जल जीवन मिशन घोटाले में आरोप है कि इसमें टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी कर ठेकेदारों को करोड़ों के काम दिए गए. इसके लिए फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र का इस्तेमाल कर ठेके हासिल किए गए. जांच में सामने आया कि राजस्थान में कई जगह घटिया पाइप लगाए गए और काम अधूरा रहने के बावजूद भुगतान कर दिया गया.

ACB की जांच में सामने आया कि श्री गणपति ट्यूबवेल कंपनी के मालिक महेश मित्तल और श्री श्याम ट्यूबवेल कंपनी के मालिक पदमचंद जैन ने कथित तौर पर आईआरकॉन इंटरनेशनल लिमिटेड द्वारा जारी फर्जी कार्यपूर्णता प्रमाणपत्रों के आधार पर लगभग 960 करोड़ रुपये की निविदाएं हासिल कीं.

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