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Alwar Rape Case: आरोपी नर्स चिराग यादव नहीं है काउंसिल से रिजस्टर्ड, अस्पताल को काउंसिल ने भेजा नोटिस

आरोपित चिराग यादव हरीश हॉस्पिटल में नर्सिंग हेल्पर के रूप में कार्य कर रहा था. बिना पंजीयन के और अयोग्य होते हुए अस्पताल में चिराग यादव का नियोजन किस आधार पर किया गया.

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Alwar Rape Case: आरोपी नर्स चिराग यादव नहीं है काउंसिल से रिजस्टर्ड, अस्पताल को काउंसिल ने भेजा नोटिस
अलवर स्थित हरीश अस्पताल को भेजा गया नोटिस

Alwar Rape Case: हाल ही में राजस्थान के अलवर में एक निजी नर्सिंग होम के आईसीयू में महिला मरीज से दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया था. इस नर्सिंग होम का नाम 'हरीश अस्पताल' (Harish Hospital) है जिसके खिलाफ कार्रवाई शुरू हो चुकी है. हरीश हॉस्पिटल में नर्सिंगकर्मी द्वारा बेहोशी का इंजेक्शन देकर महिला से दुष्कर्म करने के मामले में राजस्थान नर्सिंग काउंसिल, जयपुर ने अस्पताल को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. साथ ही, प्रदेश के सभी निजी चिकित्सा संस्थानों में कार्यरत नर्सिंग स्टाफ की सूचना मांगी है. 

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह ने दुष्कर्म मामले की जानकारी मिलते ही एक उच्च स्तरीय जांच कमेटी गठित करने के निर्देश दिए थे. राजस्थान नर्सिंग काउंसिल ने चिकित्सा मंत्री के निर्देश पर तत्काल प्रभाव से कमेटी का गठन किया. जांच कमेटी ने बुधवार को ही मामले की जांच-पड़ताल कर अपनी रिपोर्ट दे दी है.

आरोपी चिराग यादव नर्सिंग काउंसिल का रजिस्टर्ड नर्स नहीं

रिपोर्ट के अनुसार आरोपित चिराग यादव हरीश हॉस्पिटल में नर्सिंग हेल्पर के रूप में कार्य कर रहा था. जांच में पाया गया कि वह अलवर के स्कूल ऑफ नर्सिंग हरीश हॉस्पिटल में जीएएनएम सत्र 2018-19 का छात्र है और बिना सूचना के लगातार अनुपस्थित चल रहा था. चिराग यादव नर्सिंग काउंसिल द्वारा रजिस्टर्ड नर्स भी नहीं है. जांच में यह तथ्य सामने आने के बाद नर्सिंग कौंसिल ने हरीश अस्पताल को कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा है कि बिना पंजीयन के और अयोग्य होते हुए अस्पताल में चिराग यादव का नियोजन किस आधार पर किया गया. साथ ही, नर्सिंग कौंसिल के निर्देशों पर चिराग यादव को स्कूल ऑफ नर्सिंग हरीश हॉस्पिटल से भी निष्कासित कर दिया गया है.

अतिरिक्त मुख्य सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, श्रीमती शुभ्रा सिंह के निर्देश पर राजस्थान नर्सिंग कौंसिल ने प्रदेश के सभी निजी चिकित्सा संस्थानों को पत्र जारी कर संस्थान में कार्यरत समस्त नर्सिंग स्टाफ की पात्रता, नर्सिंग कौंसिल में पंजीयन सहित अन्य सूचनाएं मांगी हैं. साथ ही, निदेशक जनस्वास्थ्य, डॉ. रविप्रकाश माथुर ने अलवर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को उक्त प्रकरण में कमेटी बनाकर जांच करने के निर्देश दिये हैं. उन्होंने अस्पताल में कार्यरत कार्मिक की योग्यता को लेकर एवं अन्य अनियमितताएं पाये जाने पर क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट/रूल्स के तहत पंजीकरण निरस्त करने के भी निर्देश दिये हैं. 

मामले के खिलाफ अलवर में हो रहा प्रदर्शन

इस मामले में अनेक युवाओं ने अस्पताल के मुख्य गेट पर विरोध प्रदर्शन करते हुए धरना दिया प्रदर्शन कर रहे युवा हक्मूदीन ने कहा हम डॉक्टरों को भगवान का दर्जा देते हैं. ऐसे में अगर डॉक्टर ही मरीजों के साथ जघन्य अपराध करेंगे तो समाज का ताना बाना कहा सुरक्षित रहेगा. एक महिला जो अस्पताल में उपचार कराने आती है. उसी के साथ अस्पताल का नर्सिंग कर्मी बेहोशी का इंजेक्शन लगाकर दुष्कर्म की वारदात को अंजाम देता है पूरा घटनाक्रम अस्पताल में घटित होता है. जबकि इस मामले में महिला कर्मचारी शामिल है इसके बावजूद अस्पताल प्रशासन ऐसे लोगों को बचाने में लगा हुआ है. इसलिए अस्पताल संचालक व अन्य दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो, पीड़िता को उचित न्याय व मुआवजा मिले साथ ही ऐसे दोषियों की संपत्तियों पर बुलडोजर चलाने का काम प्रदेश सरकार को करनी चाहिए.

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