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Rajasthan Politics: अमीन खान और हरीश चौधरी मिले, वायरल फोटो की क्यों हो रही है चर्चा

राजस्थान में बाड़मेर की राजनीति में एक-दूसरे के विरोधी माने जाते रहे दो दिग्गज नेताओं अमीन ख़ान और हरीश चौधरी के बीच मुलाकात के एक तस्वीर की काफ़ी चर्चा हो रही है.

Rajasthan Politics: अमीन खान और हरीश चौधरी मिले, वायरल फोटो की क्यों हो रही है चर्चा
हरीश चौधरी और अमीन ख़ान (टोपी और मफ़लर में)
NDTV

राजस्थान की राजनीति में इन दिनों बाड़मेर जिले में कांग्रेस के दो बड़े नेताओं की मुलाकात की बड़ी चर्चा है. हाल ही में राजस्थान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अमीन खान और बाड़मेर की बायतु विधानसभा सीट के विधायक हरीश चौधरी आपस में मिले. उनकी मुलाकात की तस्वीर वायरल हो रही है. प्रदेश में अमीन खान और हरीश चौधरी की सियासी अदावत किसी से छुपी नहीं है. इससे पहले अमीन खान कई बार हरीश चौधरी के खिलाफ बयान देते भी नजर आए. ऐसे में अब उनकी इस मुलाकात के सियासी मायने निकाले जा रहे हैं.

अमीन खान का निष्कासन और वापसी

अमीन खान को कांग्रेस ने 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने के बाद 6 साल के लिए पार्टी से निकाल दिया था. अमीन खान के खिलाफ यह कार्रवाई बाड़मेर-जैसलमेर लोकसभा सीट से निर्दलीय प्रत्याशी रविंद्र सिंह भाटी का समर्थन करने, और कांग्रेस प्रत्याशी उम्मेदाराम के खिलाफ प्रचार करने के कारण की गई थी. लेकिन, शिव सीट के पूर्व विधायक अमीन खान की 16 महीने बाद ही पिछले साल अगस्त में पार्टी में वापसी हो गई.

अमीन ख़ान के हरीश चौधरी के दफ़्तर जाकर उनके साथ चाय पीने की तस्वीर वायरल हुई है

अमीन ख़ान के हरीश चौधरी के दफ़्तर जाकर उनके साथ चाय पीने की तस्वीर वायरल हुई है
Photo Credit: NDTV

अमीन खान और हरीश चौधरी की अदावत

अमीन खान की पार्टी में जल्दी वापसी के पीछे मुख्य वजह यह मानी गई कि वह कांग्रेस के मुस्लिम समुदाय का एक बड़ा चेहरा रहे हैं. उन्होंने कांग्रेस पार्टी के टिकट पर लगातार 10 विधानसभा का चुनाव लड़ा और शिव विधानसभा से पांच बार विधायक रहे. वह 2008 में गहलोत सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रहे.

लेकिन, पिछले विधानसभा चुनाव के बाद बाड़मेर की राजनीति में अमीन चौधरी और हरीश चौधरी की अदावत बढ़ गई. राजस्थान में 2023 में हुए विधानसभा चुनाव में शिव सीट से निर्दलीय नेता रविंद्र सिंह भाटी की जीत हुई. कांग्रेस के टिकट पर अमीन खान तीसरे नंबर पर रहे. दूसरे नंबर पर कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष फतेह खान रहे जिन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा था

अमीन खान ने इस हार के लिए हरीश चौधरी को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने आरोप लगाया कि हरीश चौधरी ने फतेह खान को संरक्षण दिया जिससे वह निर्दलीय चुनाव लड़े, जिससे अमीन खान ना सिर्फ चुनाव हार गए बल्कि तीसरे नंबर पर भी रहे.

वैसे अमीन खान की पार्टी में नाराजगी की एक और वजह यह बताई जाती है. वो पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के करीबी रहे हैं, लेकिन  और उन्होंने पार्टी में समुदाय विशेष के लोगों का प्रभाव बढ़ने की वजह से हाल में पार्टी के कई कार्यक्रमों से दूरी बनाई, जिसकी भी खासी चर्चा हुई.

वायरल फोटो और क़यास

लेकिन एक कहावत प्रचलित है कि राजनीति में कोई स्थाई दुश्मन या दोस्त नहीं होता. अब हरीश चौधरी और अमीन खान की मुलाकात को भी इसी नज़रिए से देखा जा रहा है. हाल ही में अमीन खान ने हरीश चौधरी के बाड़मेर ऑफिस पहुंच कर मुलाकात की थी और इसका फोटो वायरल हो रहा है. 

राजनीति के जानकार इसे आगामी पंचायत और निकाय चुनाव से जोड़कर देख रहे हैं. उनका मानना है कि कांग्रेस अपनी खोई राजनीति जमीन को वापस पाना चाहती है. दरअसल कांग्रेस की आपसी गुटबाजी जग जाहिर है और इसका नुकसान पार्टी को पिछले चुनावों में हुआ है. इसलिए कांग्रेस के लिए आगामी चुनावों में पिछले नुकसान की भरपाई के लिए इस मुलाकात को अहम माना जा रहा है.

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